UAE में एक ऐसा देश जहां 30% इंडियन, हिंदी का बोलबाला

दुबई : अमीरों और शेखों के इस देश में भारतीयों की अपनी अलग पहचान है. खाड़ी के सात राज्यों को मिलाकर बने संयुक्त अरब अमीरात में अमीरात का अर्थ अमीरों के पर्यायवाची से है. अमीरात की वजह से ही 18वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक इसे पायरेट कोस्ट के नाम से भी जाना जाता था. यूएई से अबूधाबी, शारजाह, दुबई, उम्म अल कुवैन, अजमान, फुजइराह और रस अल खैमा ये कुल सात राज्य जुड़कर बने हैं.


देश का राष्ट्रीय धर्म इस्लाम और राष्ट्रीय भाषा अरबी है. तेल भंडार के मामले में दुनिया के छठवें सबसे बड़े देश संयुक्त अरब अमीरात की अर्थव्यवस्था मध्यपूर्व में सबसे विकसित है. संयुक्त अरब के साथ जुड़े अमीरात शब्द के बारे में कहा जाता है कि ये धनी शेखों के राज्य होने के कारण अमीर का पर्यायवाची इसमें जोड़ा गया.


संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यहां की कुल आबादी 90 लाख है, जिसके कुल में से दो तिहाई प्रवासियों में से 26 लाख भारतीय हैं जो कि कुल आबादी का 30 फीसदी हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार यूएई में हिन्दी भाषा अदालतों में इस्तेमाल होने वाली तीसरी आधिकारिक भाषा बन गई है. अबूधाबी न्यायिक विभाग के अवर सचिव योसेफ़ सईद अल अब्री ने ख़लीज टाइम्स से कहा कि हिन्दी को अदालती भाषा के तौर पर इसलिए जोड़ा गया है क्योंकि लोगों को न्याय प्रक्रिया में किसी भी तरह की जटिलता का सामना नहीं करना पड़े.

हाल ही में प्रकाशित इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात में सबसे ज़्यादा केरल के लोग हैं. देश में वहां के भारतीय जितनी भी विदेशी मुद्रा भेजते हैं, उसमें केरल का 40% हिस्सा होता है. इस तरह देखा जाए तो केरल की कुल तीन करोड़ आबादी में से 10 पर्सेंट लोगों ने वहां पलायन किया है. सेंटर फ़ॉर डिवेलपमेंट स्टडीज का कहना है कि केरल से खाड़ी के देशों में पलायन कोई नया नहीं है.


अगर दूसरे राज्यों का ब्यौरा देखें तो पंजाब से 12.7% हैं. इस तरह पंजाब दूसरे स्थान पर है. वहीं बेहद कम अंतर 12.4 फीसदी से तमिलनाडु तीसरे नंबर पर है. रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश 7.7 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर और 5.4 फ़ीसदी के साथ उत्तर प्रदेश पांचवें नंबर पर है. संयुक्त अरब अमीरात में भारतीयों की बड़ी तादाद होने के चलते उनका प्रभाव भी यहां स्पष्ट रूप से झलकता है.

भारतीय नेता यूएई के दौरे में जाकर वहां के प्रवासियों से जरूर मिलते हैं. यही नहीं चुनाव के वक्त राष्ट्रीय पार्टियों से जुड़े लोग भी यहां जाते हैं. भारत से बड़ी संख्या में लोग यहां जाकर काम करते हैं. बता दें कि शुक्रवार को फ्रांस में मोदी की द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक शिखर सम्मेलन और प्रधानमंत्री एडोर्ड फिलिप के साथ एक बैठक शामिल है. इसके बाद वह यूएई दौरे पर पहुंच गए हैं.

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