केदारनाथ धाम: 29 अप्रैल को सुबह छह बजकर दस मिनट पर खुलेंगे कपाट

रुद्रप्रयाग। पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की गई। 29 अप्रैल को शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर दस मिनट पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में महाशिवरात्रि पर्व पर केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि तय हुई, मंदिर समिति अध्यक्ष ने की कपाट खुलने की तिथि की घोषणा। घोषित तिथि के अनुसार 25 अप्रैल को पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा होगी।

रविवार 26 अप्रैल को केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी तथा फाटा में रात्रि विश्राम रहेगा। 27 अप्रैल को गौरीकुंड रात्रि विश्राम एवं 28 अप्रैल शाम को भगवान की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी। बुधवार 29 अप्रैल को मेष लग्न में प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

इस दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल के अलावा केदारनाथ विधायक मनोज रावत, मंदिर समिति उपाध्यक्ष अशोक खत्री, सदस्य सहित तथा मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, कार्याधिकारी एन पी जमलोकी और आचार्यगण आदि मौजूद थे।

इस दौरान हवन-यज्ञ सहित भजन-कीर्तन, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही भंडारे का आयोजन भी किया गया। उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 30 अप्रैल तय हो चुकी है। जबकि, गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत रूप से अक्षय तृतीय यानी 26 अप्रैल को खुलेंगे। अक्षय तृतीय से चारधाम यात्रा की शुरूआत भी हो जाएगी।

बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में राजपुरोहितों ने महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर भगवान बदरी विशाल के कपाट खोलने का मुहूर्त निकाला।

समुद्रतल से 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हिमालय के पांचवें धाम श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट एक जून को खोले जाएंगे। वैसे दोनों धाम के कपाट 25 मई को खोले जाते हैं, लेकिन इस साल हेमकुंड साहिब में भारी बर्फबारी के चलते इसमें विलंब हो रहा है। धाम में अभी भी 20 फीट के करीब बर्फ जमी हुई है। इसके चलते गुरुद्वारा साहिब व लक्ष्मण मंदिर समेत हेमकुंड सरोवर बर्फ से ढके हुए हैं।

वर्ष 2018 तक हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट 25 मई को खोले जाते रहे हैं। लेकिन, वर्ष 2019 में भारी बर्फबारी के चलते एक जून को कपाट खोले गए। इस बार तो स्थितियां और भी दुरुह हैं।

धाम पूरी तरह बर्फ के आगोश में है, जबकि हेमकुंड-घांघरिया पैदल मार्ग पर अटलाकोटी समेत कुछ अन्य स्थानों पर 40 फीट ऊंचे हिमखंड बने हुए हैं। इससे सेना की इंजीनियरिंग कोर को पैदल मार्ग खोलने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

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