रहस्य: झील के बाद खत्म हो जाती है दुनिया

उदय दिनमान डेस्कः यहां पर हर इलाके की अपनी कहानी है। जितनी आपकी कल्पना काम कर सकती है, उतनी कहानियां हैं। इलाके में काफी जंगली फूल और पौधे भी हैं। सफेद बादल और नीले आसमान के बीच ये इलाका वाकई में ऐसा है जहां आकर आप सब कुछ भूल जाते हैं।

स्लोवेनिया में एक बात मशहूर है, बोहीन में हम दुनिया से एक या दो दिन पीछे हो जाते हैं।,पहले तो वहां लोग बाकी दुनिया से खासा पीछे रहते थे। सचमुच ये झील ऐसी जगह है, जहां आप कहीं खो जाते हैं।

भेड़ और बकरियों चराने वालों का ये इलाका स्लोवेनिया के बाकी हिस्सों से कटा हुआ रहता है। यहां तक पहुंचने वाली सड़कें खस्ताहाल हैं। झील की दूसरी तरफ बसा हुआ कस्बा उकानक कहलाता है। जूलियन एल्प्स पहाड़ियों में स्थित उकानक का मतलब होता है- ‘यहां दुनिया खत्म हो जाती है।’ यहां तक पहुंचने में कई सप्ताह लग जाते हैं। 1906 में ऑस्ट्रो-हंगेरियन इम्पायर के जमाने में पर्वतों में विस्फोट के जरिए सुरंगें बनाई गईं। पानी के रास्ते के साथ साथ रेलवे लाइन भी वहां तक पहुंचा। इसके जरिए खनन वाले उत्तरी शहर जसेनिक को दक्षिण में ट्रिस्ट पोर्ट से जोड़ा गया।

स्लोवेनिया 1991 में स्वतंत्र हुआ और यह 2007 में यूरोजोन में शामिल हुआ, लेकिन दुनिया के इस हिस्से में जीवन की गति ने तेज रफ्तार नहीं पकड़ी है। इस इलाके में आज भी लकड़ियों के घर, बिखरे हुए गांव, चरवाहे मिलते हैं।

हर साल सितंबर में, गांववाले इस झील के तटों पर जमा होते हैं और परंपरागत तौर पर नाचते गाते हैं। ऐसे समय में सिल्क और मैं साइकिल से इस इलाके में पहुंचे। हमें इस इलाके में महज एक या दो साइकिल ही नजर आए। इस इलाके में कब पुल खत्म हो जाता है और पानी शुरू हो जाता है, पता ही नहीं चलता। इलाका बेहद शांत है।

साभारःquora.com

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