रोहतांग दर्रे में आधा फीट से बर्फ की मोटी परत जमी

मनाली। बारालाचा में आठ इंच जबकि रोहतांग दर्रे में आधा फीट से बर्फ की मोटी परत जमी हुई है। बारालाचा दर्रे के बहाल हो जाने से मनाली-लेह मार्ग पर एक बार फिर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। शिंकुला दर्रे के बहाल न होने से जांस्कर घाटी का लाहुल से संपर्क कटा हुआ है। कुंजम दर्रे के बहाल हो जाने से मनाली काजा मार्ग पर भी वाहन सरपट दौड़ने लगे हैं।

रोहतांग दर्रे में राहनीनाला की अपेक्षा राक्षी ढांक की ओर बर्फबारी अधिक हुई है। हालांकि मनाली प्रशासन ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और स्थानीय युवाओं के सहयोग से रोहतांग दर्रे में फंसे 150 वाहनों को सोमवार को ही निकाल लिया था, जिससे सड़क भी बहाल हो गई थी। अधिकतर लोगों ने मनाली और कोकसर में ही शरण ले रखी थी। मंगलवार सुबह मौसम साफ होता देख दोनों ओर से 100 से अधिक वाहनों सहित एचआरटीसी की बसों ने रोहतांग दर्रे को आर पार किया।

मंगलवार होने के चलते रोहतांग दर्रा सैलानियों के लिए बंद है लेकिन 100 से अधिक छोटे व बड़े वाहनों ने दर्रा आर पार किया है। हालांकि मनाली से लाहुल जाने वाले लोगों की संख्या कम है लेकिन लाहुल से मनाली आने वाले लोग ज्यादा हैं। कुल्लू में दशहरे का आगाज होने से लाहुल की ओर से लोगों का कुल्लू आने का दौर लगातार जारी है।

बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि बीआरओ ने सड़क बहाल कर ली है। मनाली दारचा के बीच बीआरओ का सड़क निर्माण कार्य जारी है। मनाली एसडीएम रमन घरसंगी ने कहा कि मंगलवार को बीआरओ का मेटिनेश डे है। इस कारण सैलानियों के लिए रोहतांग दर्रा बंद रहा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि मौसम देख ही दर्रे को आर-पार करें।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने 8 से 10 अक्टूबर तक हिमाचल के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जाहिर की है। 12 अक्टूबर तक प्रदेश में मानसून के लौट जाने की पूरी संभावना है। रोहतांग समेत हिमाचल की ऊंची चोटियों पर सोमवार को हिमपात हुआ। जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गयी है।

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