केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बायो-टॉयलेट, नालों की टैपिंग व विशेष सफाई अभियान के निर्देश
रुद्रप्रयाग: जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में नदियों के संरक्षण हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं विशेष रूप से नमामि गंगे के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति, नदियों की साफ-सफाई की स्थिति तथा टैप एवं अनटैप नालों की अद्यतन स्थिति की जानकारी संबंधित विभागों से प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन नालों की टैपिंग शेष है, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही यात्रा मार्ग पर शौचालयों की स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार डीपीआर तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।जिलाधिकारी ने आगामी केदारनाथ यात्रा को दृष्टिगत रखते हुए यात्रा मार्ग पर बायो-टॉयलेट्स की पर्याप्त स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और नदियों के प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि यात्रा अवधि में बड़ी संख्या में बाहरी एवं नेपाली मूल के श्रमिकों के आगमन से गौरीकुंड, सीतापुर आदि क्षेत्रों में स्वच्छता की चुनौती बढ़ जाती है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन क्षेत्रों में पर्याप्त शौचालयों का निर्माण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे नदियों को दूषित होने से बचाया जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद में विशेष सफाई अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जनपद में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट को प्रभावी एवं वैज्ञानिक ढंग से संचालित किए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने पर बल दिया गया। साथ ही, जनपद में रिवर फ्रंट विकसित करने हेतु जिलाधिकारी ने उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए, ताकि वहां प्रतिदिन सायं काल विधिवत आरती का आयोजन किया जा सके और पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों को जनपद की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का सजीव अनुभव प्राप्त हो सके।
इसके अतिरिक्त गंगा ग्राम विकसित करने, नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन, सीवेज ट्रीटमेंट की प्रभावी व्यवस्था तथा जैव विविधता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लक्ष्यों को समग्र रूप से प्राप्त किया जा सके। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुरूप जनपद की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
