मालखाने से गुम हुए 174 दुर्लभ और 317 हथियार गायब

उदयपुर। भीलवाड़ा के पुलिस मालखाने से बनेड़ा राज परिवार को ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल टॉड की उपहार में दी चांदी की दो पिस्टल ही नहीं, बल्कि 174 दुर्लभ हथियार गायब हो गए। यह उपहार आजादी के बाद मेवाड़ के प्रमुख राजाओं तथा ठिकानेदारों ने जमा कराए थे।

इन हथियारों को तस्करों के हाथ बेचे जाने की आशंका प्रबल हो गई है और अब अजमेर के पुलिस महानिरीक्षक रूपिन्दर सिंह ने मामले की पूरी जांच करा दोषियों को कड़ी सजा दिलाए जाने की बात कही है।

मिली जानकारी के अनुसार कर्नल टॉड ने तत्कालीन मेवाड़ राज्य की यात्रा के दौरान बनेड़ा के राजा भीम सिंह की दोस्ती और उनकी आवभगत से प्रसन्न होकर उन्हें चांदी की दो पिस्टल के अलावा एक दूरबीन भी उपहार में दी थी। आजादी के बाद उक्त दोनों पिस्टल बनेड़ा दरबार ने भीलवाड़ा पुलिस लाइन में जमा करा दिए थे।

इसी तरह मेवाड़ राज्य में आने वाले ठिकाने बदनौर, हमीरगढ़स, करेड़ा, नांदशा, बिजौलियां, मांडलगढ़, शाहपुरा सहित दर्जनों ठिकानेदारों ने अपने 174 दुर्लभ हथियार भीलवाड़ा पुलिस को सौंपे थे। इन सभी ऐतिहासिक तथा दुर्लभ हथियारों की सूची भीलवाड़ा पुलिस के पास है।

भीलवाड़ा पुलिस लाइन में जमा 174 हथियार दुर्लभ श्रेणी के थे, जो दो सौ साल से लेकर सत्तर साल पुराने थे। इन सभी हथियारों को धरोहर के रूप में संभालने की जरूरत थी, लेकिन यह हथियार पुलिस ने ही तस्करों को बेच दिए।

अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये हथियार मालखाने से कैसे गायब हुए। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धु का कहना था कि वह यह सब उनके कार्यकाल से पहले का था, हालांकि इस मामले की जांच की जा रही है। इधर, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रूपिन्दर सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

बताया गया कि पुलिस लाइन के अमानती तथा जब्त हथियार शाखा प्रभारी का दायित्व हैड कांस्टेबल शंकर लाल के पास था। उसकी सेवानिवृत्ति 31 अक्टूबर 2022 को हो गई। उसके सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले इसका चार्ज हैड कांस्टेबल महावीर प्रसाद को सौंपा जाना था। उसके हथियारों के भौतिक सत्पापन के बाद ही चार्ज लेने की मांग के बाद हथियारों की जांच शुरू की गई थी।

पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धु ने 28 जुलाई 2022 को हथियारों के भौतिक सत्यापन के लिए कमेटी गठित की थी और जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मालखाने से 317 हथियार गायब हो गए।

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