बाढ़ से 240 गांव प्रभावित

गोरखपुर: गोरखपुर जिले में बाढ़ की स्थिति और विकट हो रही है। सरयू नदी पर बना रिंग बांध टूट जाने से एक गांव व होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में पानी भर गया। सरयू नदी ने 1998 का रिकार्ड तोड़ दिया है।

240 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, इनमें से 121 मैरुंड हो चुके हैं। अयोध्या पुल के पास तेजी से गिरते जलस्तर को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि दो दिन में बाढ़ से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। इधर जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

बाढ़ के कारण सबसे अधिक प्रभाव गोला तहसील पर पड़ा है। यहां 90 गांव पानी से घिरे हैं, जिनमें से 71 मैरुंड घोषित किए जा चुके हैं। सरयू नदी अयोध्या पुल के पास आठ घंटे में करीब 14 सेमी नीचे आई है। यह नदी खतरे के निशान से अभी भी 71 सेमी ऊपर है।

राप्ती नदी के जलस्तर की वृद्धि की रफ्तार कम हुई है। यह नदी आठ घंटे में दो सेमी ही बढ़ी है। रविवार यानी आज शाम तक पानी स्थिर हो जाने की संभावना है। बांसी में पानी स्थिर है जबकि बलरामपुर में आठ घंटे में जलस्तर में करीब 42 सेमी की कमी आई है।

रोहिन नदी से राहत मिलने लगी है। इस नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 94 सेमी कम हो चुका है। रविवार की सुबह यह नदी चेतावनी बिन्दु से भी नीचे आ जाएगी। गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी खतरे के बिन्दु से 85 सेमी ऊपर बह रही है। जिले में करीब 97 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए 290 नाव लगाई गई है। इनमें कुछ मोटरबोट भी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को तटबंधों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

प्रभावित क्षेत्राें में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। तहसीलों में संचालित सामुदायिक किचन के माध्यम से भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। चार स्थानों पर राहत शिविर भी संचालित किए गए हैं।

सरयू नदी के विकराल रूप को देखते हुए त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए जिलाधिकारी ने बड़हलगंज एवं गोला ब्लाकों को जोन घोषित किया है। जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक विकास विभाग को जोनल अधिकारी बनाया गया है।

बड़हलगंज व गोला में संचालित आदर्श राहत शिविर में प्रभावित व्यक्तियों को विस्थापित किया जाएगा। शिविर के संचालन के लिए एसडीएम न्यायिक बांसगांव व सहजनवा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रयागराज से छह मोटर बोट एवं 12 नाव मंगाई गई है।

जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि जिले में सरयू नदी में बाढ़ की स्थिति विकट है लेकिन प्रशासन की ओर से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी तहसील में सामुदायिक किचन सक्रिय हैं। जल्द ही पानी उतरने की उम्मीद है।

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