नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर 500 रुपये के नोट बंद होने की अफवाहों को सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने एक फैक्ट-चेक रिपोर्ट जारी की है। इसमें साफ किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोटों का चलन बंद करने जैसा कोई ऐलान नहीं किया है। यह दावा पूरी तरह से झूठा है। लोग ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। 500 रुपये के नोट अभी भी पूरी तरह से वैध हैं। किसी भी लेनदेन में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
पीआईबी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस खबर का खंडन करते हुए कहा, ‘कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोटों का चलन बंद कर देगा। PIBFactCheck: यह दावा झूठा है! RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।’
यह पहली बार नहीं है जब 500 रुपये के नोटों को बंद करने की अफवाहें फैली हों। इससे पहले भी कई बार ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं। इन्हें सरकार ने हमेशा गलत बताया है। जून में भी पीआईबी की फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने ऐसी ही अफवाहों का खंडन किया था। तब एक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि भारत मार्च 2026 से 500 रुपये के नोटों का चलन बंद करने जा रहा है। सरकार ने उस समय भी इस खबर को गलत बताया था।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी अगस्त में संसद को सूचित किया था कि 500 रुपये के नोटों की सप्लाई बंद करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया था कि एटीएम से 500 रुपये के नोटों के साथ 100 रुपये और 200 रुपये के नोट भी निकलते रहेंगे। यह बयान उन अफवाहों को खारिज करता है जिनमें 500 रुपये के नोटों को वापस लेने की बात कही जा रही थी।
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी भ्रामक खबरें फैलती रहती हैं, जो लोगों को भ्रमित कर सकती हैं। PIB जैसी सरकारी एजेंसियां इन अफवाहों का खंडन कर लोगों को सही जानकारी देने का काम करती हैं। इसलिए, किसी भी ऐसी खबर पर विश्वास करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करना बहुत जरूरी है। 500 रुपये के नोटों के बारे में फैलाई जा रही यह खबर भी इसी तरह की एक झूठी अफवाह है, जिसे पीआईबी ने साफ कर दिया है।
लोग इन नोटों का बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आरबीआई समय-समय पर मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव कर सकता है। लेकिन, ऐसी कोई भी बड़ी घोषणा हमेशा आधिकारिक तौर पर की जाती है। उसकी जानकारी सभी को दी जाती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर उड़ने वाली हर खबर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।

