नई दिल्लीः भारत ने पहली बार इंटरनेशनल ओलंपियाड इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (IOAI) में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन कर सबको हैरान कर दिया. इस प्रतियोगिता में भारत समेत 63 देशों ने भाग लिया था और देश ने तीसरा स्थान हासिल किया. AI ओलंपियाड में भारत की दो टीमें शामिल हुईं, जिनमें कुल आठ छात्र थे. इन छात्रों ने अलग-अलग कैटेगरी में अपनी स्किल्स का प्रदर्शन किया और दुनिया को दिखा दिया कि भारत के पास टैलेंट की कोई कमी नहीं है.
भारतीय टीम ने इस ओलंपियाड में कुल 6 मेडल जीते. इनमें तीन गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल है. जीतने वाले लोगों के नाम कुछ इस तरह हैं – अर्जुन त्यागी, रौमक दास, सोहम सेन, रायन बनर्जी समिक गोयल और हिमानीश सोमपल्ले.जहां भारत तीसरे स्थान पर रहा, वहीं इस प्रतियोगिता में रूस पहले और पोलैंड दूसरे स्थान पर रहे. हैरानी की बात यह रही कि अमेरिका 12वें और चीन 11वें स्थान पर रहे.
इस बार के IOAI में मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और रोबोटिक्स जैसे सब्जेक्ट्स पर स्टूडेंट्स का टेस्ट लिया गया. भारत के छात्रों ने सभी टॉपिक्स पर शानदार परफॉर्मेंस दिया, और अपनी तैयारी को साबित किया.इंटरनेशनल लेवल की इस प्रतियोगिता में भारत का तीसरे स्थान पर आना दिखाता है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था और टैलेंटेड स्टूडेंट्स दुनिया के किसी भी देश से मुकाबला करने की क्षमता रखते हैं.
भारतीय टीम का चयन एक लंबी प्रक्रिया के बाद हुआ, इसे इंडिया AI ओलंपियाड कहा जाता है. यह चयन प्रक्रिया पांच फेज में पूरी की गई जिसमें टेस्टिंग, ट्रेनिंग और फाइनल शॉर्टलिस्टिंग शामिल थी.चुने गए छात्रों को AI ओलंपियाड के लिए ट्रेनिंग देने के लिए हैदराबाद के IIIT में एक रेसिडेंशियल कैंप भी आयोजित किया गया. यहां स्टूडेंट्स को एक्सपर्ट्स द्वारा गाइड किया गया और उन्हें इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिता के लिए तैयार किया गया.