बैठक के दौरान यूकेएमआरसी द्वारा प्रस्तुत ई-बीआरटीएस/ई-बस संचालित किए जाने हेतु डेडीकेटेड एलीवेटेड कोरिडॉर निर्माण प्रस्ताव को इस शर्त के साथ सैद्धान्तिक सहमति दी गयी कि इस डेडीकेटेड एलीवेटेड कॉरिडोर को टू लेन के बजाय फोर लेन (डेडीकेटेट टू लेन ई-बीआरटीएस/ई-बस संचालन के लिए और टू लेन सामान्य बसों के संचालन के लिए) का बनाए जाने का परीक्षण करा लिया जाए, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले यातायात संकुलन के लिए अभी से सामान्य बसों के संचालन हेतु टू लेन उपलब्ध रहें।
हर की पैड़ी से चंडीदेवी रोपवे के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू किए जाने और प्राईवेट भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू किए जाने के प्रस्ताव पर मुख्य सचिव द्वारा फॉरेस्ट क्लीयरेंस की स्टेज वन स्वीकृति मिलने के उपरान्त ही उक्त प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री बृजेश कुमार संत एवं अपर सचिव श्री विनीत कुमार सहित यूकेएमआरसी से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
