नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक बजट पेश किया. इस बजट में सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. खास तौर पर आयुर्वेद, फार्मा, डिजाइन, तकनीकी शिक्षा और छात्र सुविधाओं पर सरकार का खास जोर दिखाई दिया है. बजट 2026 में यह साफ संकेत मिला है कि आने वाले वर्षों में शिक्षा को रोजगार और विकास से सीधे जोड़ने की तैयारी है.
बजट में आयुर्वेद शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार ने घोषणा की है कि देश में 3 नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे. इसके साथ ही दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए ड्रग टेस्टिंग लैब्स को भी बेहतर बनाया जाएगा. सरकार का मानना है कि आयुर्वेद न केवल भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है, बल्कि यह रोजगार और रिसर्च के नए अवसर भी पैदा कर सकती है. इसके अलावा 3 नए आयुर्वेद कॉलेज खोले जाने की भी घोषणा की गई है. इससे आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी.
बजट 2026 की एक बड़ी घोषणा है देश में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप का विकास. इन टाउनशिप में पढ़ाई, रिसर्च, हॉस्टल, खेल और स्टार्टअप जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी. सरकार का उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा माहौल देना है, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ नए विचारों और नवाचार पर भी काम कर सकें. इसके साथ ही देश में 5 नए विश्वविद्यालय खोले जाने की भी घोषणा की गई है. इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और अलग-अलग राज्यों में पढ़ाई के नए अवसर मिलेंगे.
सरकार ने फार्मा सेक्टर को भी बजट में खास जगह दी है. बजट के अनुसार 3 नए फार्मास्युटिकल शिक्षा संस्थान खोले जाएंगे. इन संस्थानों में दवाओं के निर्माण, रिसर्च और गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाएगा. इससे भारत को फार्मा सेक्टर में और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.
डिजाइन और रचनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पूर्वी भारत में नया इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (IIT नहीं, IIND) खोलने की घोषणा की है. इससे इस क्षेत्र के छात्रों को देश के दूसरे हिस्सों में जाने की मजबूरी नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शिक्षा मिल सकेगी.
डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स को बढ़ाने के लिए सरकार ने ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की योजना बनाई है. इस योजना के तहत IIT मुंबई की मदद से देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में ऐसी लैब्स स्थापित की जाएंगी. इन लैब्स में छात्र डिजिटल कंटेंट, गेमिंग, एनिमेशन और नई तकनीक से जुड़ी स्किल्स सीख सकेंगे. वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का भी एलान किया.

