नई दिल्ली: जापान कभी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी था लेकिन आज वह पांचवें नंबर पर फिसल चुका है। दुनिया में जिन देशों की सरकारों पर सबसे ज्यादा कर्ज है, उनमें जापान पहले नंबर पर है। जापान में सरकार का कर्ज उसकी जीडीपी का 237% पहुंच चुका है। 2025 के अंत तक जापान का सरकारी कर्ज 1,342.172 ट्रिलियन युआन यानी 8.6 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है। इसमें बाहरी कर्ज 4.71 ट्रिलियन डॉलर है।
जापान के बाद सबसे ज्यादा सरकारी कर्ज सिंगापुर पर है। इस देश में सरकारी का कर्ज डीजीपी का 173% है। इसके बाद ग्रीस (154%), इटली (154%), दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाला देश अमेरिका (154%), फ्रांस (154%), कनाडा (154%), बेल्जियम (154%), स्पेन(154%) और पुर्तगाल (154%) हैं। यूके (154%), कई साल से युद्ध में फंसा यूक्रेन (154%), चीन (154%), यूरो एरिया (154%), अर्जेंटीना (154%) और फिनलैंड (154%) भी इस लिस्ट में भारत से आगे हैं।
भारत इस लिस्ट में 17वें नंबर पर है। भारत में सरकार का कर्ज उसकी जीडीपी का 81.9% है। भारत के बाद ऑस्ट्रिया का नंबर है जहां सरकार का कुल कर्ज देश की जीडीपी का 81.8% है। यूरोपियन यूनियन के मामले में यह आंकड़ा 80.7%, साउथ अफ्रीका में 76.9%, ब्राजील में 76.5%, हंगरी में 73.5%, स्लोवेनिया में 67% और जर्मनी में 62.2% है। यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड की सरकार पर देश की जीडीपी के 15.7 फीसदी के बराबर कर्ज है। उसके बाद रूस, कोसोवो, बोस्निया हर्जेगोविना, एस्तोनिया, बुल्गारिया, तुर्की और सऊदी अरब का नंबर है।

