ईरान पर भीषण हमले की तैयारी

अमेरिका ने सभी जैस्म-ईआर मिसाइलों को पश्चिम एशिया में तैनात किया
वाशिंगटन। अमेरिका ईरान पर हमले के लिए अपने सबसे आधुनिक हथियारों को तैनात करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने जैस्म-ईआर (जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज) क्रूज मिसाइलों का लगभग पूरा भंडार पश्चिम एशिया में तैनात करवाया है। इन मिसाइलों को दुनिया के बाकी हिस्सों से हटाकर केवल पश्चिम एशिया में तैनाती के लिए लाया गया है। अमेरिका का ये कदम ईरान युद्ध में निर्णायक मोड़ की ओर इशारा कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के आखिरी हफ्ते में इन मिसाइलों को प्रशांत क्षेत्र में स्थित भंडारों से हटाकर पश्चिम एशिया में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया गया है। दुनियाभर में अलग-अलग जगह पर तैनात इन मिसाइलों को अमेरिकी केंद्रीय कमान के ठिकानों और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड में भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, विस्तारित रेंज वाले वेरिएंट के साथ-साथ, लगभग दो-तिहाई कम रेंज वाली मिसाइलें भी ईरान में इस्तेमाल की जा रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के पहले 4 हफ्तों में ही अमेरिका ने 1,000 से ज्यादा जैस्म-ईआर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। युद्ध से पहले अमेरिका के पास इस तरह की 2,300 मिसाइलें थीं। दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए अब केवल 425 मिसाइलें ही बची हैं। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका का अरबों डालर का इंटरसेप्टर नष्ट कर दिया है। इसके बाद अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में तैनात थाड मिसाइल रक्षा प्रणाली के कुछ हिस्सों को पश्चिम एशिया भेजा है।

जैस्म-ईआर अमेरिका की सबसे घातक मिसाइलों में से एक मानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी मारक क्षमता है, जो 965 किलोमीटर से भी ज्यादा है। अमेरिका दुश्मन की सीमा में घुसे बिना ही सुरक्षित दूरी से हमला करने के लिए इनका इस्तेमाल करना चाह रहा है, क्योंकि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बावजूद मजबूत दिखाई दे रही है।

इस मिसाइल की एक यूनिट की कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपये है।ट्रंप भले ही दावा करें कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह खत्म हो गई है और अब ईरानी आसमान पर अमेरिका की हवाई श्रेष्ठता है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। ईरान ने अमेरिका के आधुनिक  एफ-15ई और ए-10 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है और 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान ने एक दर्जन से ज्यादा  एमक्यू-9 ड्रोन को भी मार गिराया है।

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