मिस्र:पुरातत्वविदों ने मिस्र में एक बड़ी खोज की है. उन्होंने यहां 3000 साल पुराना एक शहर खोजा है. इसे सोने का शहर कहा जा रहा है क्योंकि यहां सोने एक एडवांस प्रोसेसिंग कांप्लेक्स और खदान मिली है. यहां एक माइनिंग कैंप भी मिला है जो दिखाता है कि यह इलाका किसी औद्योगिक क्षेत्र से मिलती जुलती किसी चीज के पास बसा था.मिस्र के पूर्वी रेगिस्तान में सुकारी पहाड़ पर यह खोज हुई है. सुकारी पहाड़ आज भी सोने के लिए जाने जाते हैं.
आधिकारिक वेबसाइट स्टेट इंफॉर्मेशन सर्विस इजिप्ट के अनुसार, मिस्र की सुप्रीम काउंसिल ऑफ एंटीक्विटीज के मोहम्मद इस्माइल खालिद ने बताया कि अवशेष एक बहुत ही सोच-समझकर किया गया ऑपरेशन दिखाते हैं. सोना सिर्फ इकट्ठा नहीं किया गया था. इसे निकाला गया, प्रोसेस किया गया और कुशलता से रिफाइन किया गया.
शोधकर्ताओं के मुताबिक इस शहर में लोग काम करते थे. व्यापार, पूजा के भी सबूत मिले हैं. टीमों को मिट्टी के बर्तनों के 628 टुकड़े मिले. कई टुकड़ों पर हाइरोग्लिफ़िक, डेमोटिक और ग्रीक स्क्रिप्ट में लिखा है. भाषा का यह मिश्रण बताता है कि इस रेगिस्तानी हब से अलग-अलग तरह की आबादी गुज़री होगी. यहां टॉलेमिक युग के कांसे के सिक्के और इंसानों और जानवरों के आकार की टेराकोटा की मूर्तियां भी हैं.
वहीं बास्टेट और हार्पोक्रेट्स सहित देवताओं की छोटी पत्थर की मूर्तियां मिली हैं.यह खोज मिस्र के टूरिज़्म और एंटीक्विटीज़ मंत्रालय के नेतृत्व में “पुराने सोने के शहर को फिर से ज़िंदा करना” नाम के एक लंबे समय से चल रहे प्रोजेक्ट का हिस्सा है.

