बरातियों से भरी बस खाई में गिरी, 45 लोग थे सवार

कोटद्वार: हरिद्वार जिले के लालढांग के कटेवड़ गांव से कांडा तल्ला जा रही बस लैंसडौन के सिमड़ी गांव के पास करीब साढ़े तीन सौ मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में अब तक 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। पुलिस द्वारा दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक रात के दौरान चलाए गए बचाव अभियान में अब तक 21 लोगों को निकाल लिया गया है। जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अब तक करीब 12 शव निकाले जा चुके हैं। बस में करीब 45 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि पट्टा टूटने के कारण बस अनियंत्रित हो गई और खाई में जा गिरी। घटना शाम चार बजे की बताई जा रही है। एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

बीरोंखाल स्वास्थ्य केंद्र से पांच डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई है। दो बच्चों समेत छह घायलों को बीरोंखाल स्वास्थ्य केंद्र और एक घायल को कोटद्वार अस्पताल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राहत और बचाव के कार्य शुरू कर दिए गए हैं। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूष्ज्ञण ने घटना पर शोक जताया है। उन्होंने इस संबंध में पौड़ी जिलाधिकारी से वार्ता कर हालात की जानकारी ली।

लालढांग क्षेत्र के कटेवड़ गांव निवासी संजीव के पुत्र महावीर की बरात जीएमओयू बस संख्या (यूके04-0501) से मंगलवार दोपहर 12 बजे कांडा तल्ला के लिए गई थी। बस कांडा तल्ला निवासी प्रकाश चंद्र के घर जानी थी।

बस में सवार लालढांग निवासी पंकज ने बताया कि शाम करीब सात बजे रिखणीखाल-कांडा तल्ला के मध्य सिमड़ी गांव से करीब एक किलोमीटर पहले बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

बस में सवार आठ से दस लोग किसी तरह खाई से बाहर निकल कर आए। मोबाइल फोन से उन्होंने अपने परिचितों को घटना की सूचना दी। पुलिस को राहत कार्य में दिक्कत हो रही है। पंकज ने बताया कि बस खाई में लटकी हुई है, यदि उसमें किसी ने चढ़ने की कोशिश की तो बस नदी में गिर जाएगी।

बस के खाई में गिरने के दौरान कई यात्री बस से बाहर छिटक गए। बस के बाहर भी कई बारातियों के शव पड़े हैं। उन्होंने बताया कि बस में 25 यात्रियों की मौत हो गई है, जिसमें से 12 के शव बस के बाहर बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ शव बस के भीतर है। लेकिन, बस जिस जगह पर अटकी है, वहां पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

राहत बचाव कार्य में एसडीआरएफ और ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अनूप पटवाल ने बताया कि मोबाइल और टार्च की रोशनी में ग्रामीण राहत कार्य में जुटे हैं। खाई में झाड़ियां होने के कारण वहां तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

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