प्रयागराज :संगम की पवित्र रेती पर आस्था का महासागर उमड़ पड़ा है. गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आज से माघ मेले का भव्य आगाज़ हो चुका है. पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. 44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है.
प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर सनातनी किन्नर अखाड़े ने भी अमृत स्नान किया. इस दौरान सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी, जिन्हें टीना मां के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने शिष्यों के साथ संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई. टीना मां ने मां गंगा का दुग्ध अभिषेक कर गंगा पूजन किया और मां गंगा, यमुना तथा अदृश्य सरस्वती से लोक कल्याण की कामना की. बता दें, नवंबर 2025 में ही सनातनी किन्नर अखाड़े का गठन हुआ है. यह अखाड़ा पहले के किन्नर अखाड़े से अलग होकर अस्तित्व में आया है. पहली बार माघ मेले में सनातनी किन्नर अखाड़े ने शिविर लगाया, जो अखाड़े की नई पहचान और आस्था का प्रतीक है.
माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 10 बजे तक लगभग 9 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. अभी भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम लगातार जारी और मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे.प्रयागराज: माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने कहा, ‘आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेला शुरू हो गया है. सभी घाटों पर स्नान चल रहा है. हम अभी संगम क्षेत्र में हैं और सभी इंतज़ाम पूरे हो चुके हैं. हमारे पास यहां पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध हैं. आज सुबह 8 बजे तक 6 लाख 50 हज़ार श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई है.’प्रयागराज: पौष पूर्णिमा के अवसर पर और माघ मेला 2026 के पहले दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में पवित्र स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं.
माघ मेला 2026 के पहले दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में पवित्र स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं. मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया, ‘यहां पर जितने श्रद्धालु हैं उनसे बात की गई. सभी को व्यवस्था सुचारू और अच्छी लग रही है और सभी लोग सुविधानुसार यहां पर स्नान कर रहे हैं. हमें जिस प्रकार से सुविधा उपलब्ध करवानी थी, उसी प्रकार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है.’
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इस बार माघ मेले में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग की शुरुआत की जाएगी. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोकप्रिय कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा. पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है.माघ मेले के दौरान कुल छह प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे. 3 जनवरी, 14 जनवरी, 18 जनवरी, 23 जनवरी, 1 फरवरी और 15 फरवरी.वाराणसी से प्रयागराज के बीच पांच से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान है. होल्डिंग एरिया में यात्रियों के बैठने, जनरल टिकट, इमरजेंसी दवाइयों, एलईडी स्क्रीन और सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है.
महाकुंभ के अनुभवों के आधार पर इस बार सात पांटून पुल संगम क्षेत्र में और दो अतिरिक्त पुल फाफामऊ क्षेत्र में बनाए गए हैं. सभी पुलों को दिशा-विशेष के अनुसार आरक्षित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनी रहे.मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं. यातायात व्यवस्था के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है. प्रमुख मार्गों, घाटों और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, वॉच टावर, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3800 रोडवेज बसें, 75 ई-बसें और 500 से अधिक ई-रिक्शा लगाए गए हैं. शहर और मेला क्षेत्र में रंग-बिरंगे संकेतक बोर्ड और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं. अग्नि सुरक्षा के लिए 17 फायर स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि सफाई व्यवस्था के लिए 3300 सफाईकर्मी तैनात हैं.पौष पूर्णिमा से कल्पवासियों का व्रत आरंभ हो गया है. आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर पूरी तरह तैयार हैं. प्रथम पुण्य स्नान के साथ संगम तट पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है.
माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है. महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी विकसित की गई है. करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं. रात के समय संगम क्षेत्र बेहद आकर्षक नजर आ रहा है नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, जल में सात रंगों के फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं.
श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) की दो टीमें मोर्चा संभाल चुकी हैं. प्रमुख स्नान पर्वों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस स्नाइपर संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगे. इसके अलावा पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री, आरएएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की गई है.
संगम की रेती पर बसे तंबुओं के नगर में माघ मेले का विधिवत शुभारंभ हो चुका है. पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं. 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है. वहीं, करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक संगम तट पर कल्पवास करेंगे.

