उत्तराखंड में आफत की बारिश, तीन की मौत

देहरादून। उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में बारिश जमकर कहर मचा रही है। अल्मोड़ा के द्वाराहाट में एक मकान के ध्वस्त होने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, भूस्खलन से सड़कों के बंद होने और खोलने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी का अलर्ट जारी किया है।

इस बार मानसून ने कुमाऊं मंडल में सबसे ज्यादा जोर पकड़ा है। वहीं, मैदानी क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। हरिद्वार और रुड़की में बारिश के दौरान सड़कें तालाब में तब्दील हो रही हैं। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग में भी बार-बार सड़कें बंद होने का सिलसिला जारी है।

अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड के अल्मियागांव तैलमैनारी में मध्यरात्रि में दोमंजिला मकान ध्वस्त हो गया। हादसे में परिवार के तीन लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। मकान स्वामी गंभीर रूप से घायल है।

ग्रामीणों के अनुसार घटना के वक्त मकान में चंद्रा देवी (50) तथा उसकी 17 वर्षीय पुत्री कमला की मौके पर ही मौत हो गई। छोटी पुत्री पिंकी (12) ने उपचार के लिए रानीखेत ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। मकान स्वामी रमेश राम (60) गंभीर रूप से घायल हुआ है।

पिथौरागढ़ जिले में एक दर्जन मार्ग बंद हैं। यहां 34 घंटे से लगातार बारिश जारी है। टनकपुर तवाघाट हाईवे घाट के निकट दिल्ली बैंड के पास खुल चुका है, लेकिन धारचूला के निकट निगालपानी में बंद है। इससे चीन सीमा का संपर्क कटा हुआ है। तवाघाट- तिदांग, तवाघाट-लीपुलेख मार्ग, थल- मुनस्यारी मार्ग भी बंद है। जौलजीबी- मुनस्यारी मार्ग खुला है।

पूरी रात से हो रही बारिश के चलते चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे बंद होने और खुलने का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। इसे खोलने के लिए बीआरओ जुटा हुआ है। यमुनोत्री हाईवे राणाचट्टी के निकट शनिवार से बंद है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है।

दून और मसूरी में भी मानसून रफ्तार पकड़ने लगा है। कल से मौसम के तेवर और तल्ख होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी और रुद्रप्रयाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में भी मौसम राहत नहीं देने वाला। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

भूस्खलन के चलते प्रदेश में 50 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बाधित है। मलबे से बंद गंगोत्री हाईवे पर पांच घंटे बाद आवाजाही शुरू कराई जा सकी, वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर गुरुवार तक यातायात बहाल हो सकेगा। यहां यमुनोत्री के पास तीस मीटर सड़क ध्वस्त हो गई थी। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर जलस्तर 291.20 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि चेतावनी निशान 293 मीटर पर है।

कुमाऊं में भी नदियों के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती आबादी में दहशत है। कुमाऊं में पिथौरागढ़ जिले में मौसम के तेवर बरकरार हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में पेड़ गिरने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव के चलते मुनिकीरेती से कीर्तिनगर के बीच यह मार्ग सायं सात बजे से सुबह चार बजे तक वाहनों के संचालन के लिए बंद कर दिया गया है। एसएसपी टिहरी ने इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित थानों को व्यवस्था बनाने के लिए निर्देशित किया है।

ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर इन दिनों ऑल वेदर रोड का काम जारी है। तोताघाटी और साकणीधार क्षेत्र में रोड कटिंग के चलते लगातार चट्टानें टूट रही हैं। कई जगह भूस्खलन और भू-धंसाव का खतरा भी बना हुआ है। हाल में ही इस मार्ग पर दो हादसे भी हो चुके हैं।

चार दिन पूर्व तोताघाटी में जाम में फंसे वाहनों पर पत्थर गिर गए थे, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हो गया था। सोमवार को भी कौडियाला के समीप एक भारी भरकम चट्टान टूटकर देहरादून से पौड़ी जा रही एक मैक्स कार के ऊपर आ गिरी थी। जिससे कार पूरी तरफ क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि इसमें सवार चालक सहित छह लोग बाल-बाल बचे।

लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए जन सुरक्षा की दृष्टि से अब फिलहाल इस मार्ग पर सायं सात बजे से प्रात: चार बजे के बीच किसी भी तरह का यातायात संचालित नहीं होगा। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी डॉ. वाईएस रावत ने आदेश जारी करते हुए मुनिकीरेती व कीर्तिनगर थानों को व्यवस्था बनाने के लिए निर्देशित किया है।

इस मार्ग पर आवाजाही बंद होने की दशा में इस अवधि में नरेंद्रनगर, चम्बा टिहरी, पीपलडाली, होते हुए कीर्तिनगर को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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