बांग्लादेश की सेना कट्टरपंथी राह पर

ढाका: बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 299 सीटों पर हुए चुनाव में बीएनपी ने 209 सीटों के साथ दो तिहाई बहुमत हासिल किया है। वहीं, कट्टर इस्लामिक पार्टी और मुख्य विपक्षी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिली हैं।

हालांकि, इस चुनाव में एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जो बांग्लादेश की सेना के बारे में खतरनाक तस्वीर दिखाती है। बांग्लादेश चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से पता चलता है कि ढाका कैंटोनमेंट के अंदर बांग्लादेश आर्मी के एक बड़े हिस्से ने जमात-ए-इस्लामी को वोट दिया। यह दोनों पोलिंग सेंटर ढाका-17 संसदीय सीट का हिस्सा हैं, जहां से BNP के चीफ तारिक रहमान ने चुनाव लड़ा था।

नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बांग्लादेश चुनाव आयोग के आंकड़ों के हवाले से बताया है कि मुस्लिम मॉडर्न एकेडमी पोलिंग सेंटर पर 12 फरवरी को डाले गए 4121 वोटों में से जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को 2003 वोट मिले। वहीं, तारिक रहमान को यहां 1942 वोट मिले। इस इलाके में कुल वोटरों की संख्या 88856 है।

ढाका कैंटोनमेंट में ही आने वाले शहीद रमीज उद्दीन कॉलेज के पोलिंग सेंटर के नतीजे बीएनपी के लिए और बुरे रहे। यहां खालिदउज्जमां को 1261 वोट मिले, जबकि तारिक रहमान के हिस्से में महज 681 वोट ही आए। ढाका कैंटोनमेंट में कुल पांच पोलिंग सेंटर हैं, लेकिन बाकी तीन के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने सेना के सूत्रों के हवाले से बताया कि बांग्लादेश में अलग-अलग कैंटोनमेंट और सशस्त्र बलों की जगहों पर तैनात और पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल करने वाले लगभग 70 से 80 फीसदी सैनिकों (अफसर नहीं) ने जमात-ए-इस्लामी को चुना है। डिफेंस सूत्रों ने कहा कि ढाका कैंटोनमेंट के पोलिंग सेंटर और पोस्टर बैलेट से जो तस्वीर आ रही है, वह चिंताजनक है। इसका असर सेना पर पड़ सकता है जो कुछ साल पहले तक कट्टरपंथी सोच के असर से काफी हद तक आजाद थी।

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