‘जॉब सीकर’ नहीं ‘जॉब प्रोवाइडर’ बनें : राज्यपाल

ऊधम सिंह नगर:  गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. इस समारोह में 1384 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं. इनमें 721 छात्र और 664 छात्राएं शामिल रहे. विवि के कुलपति ने बताया कि उनके यहां आम की नई किस्म ‘सिंदूर’ विकसित की गई है. उत्तराखंड के प्रतिष्ठित गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 37वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. समारोह में उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार, आत्मनिर्भरता और युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ को भविष्य की दिशा बताया.

पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 37वें दीक्षांत समारोह का वातावरण उत्साह, गर्व और प्रेरणा से भरा रहा. इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समारोह केवल डिग्री वितरण का अवसर नहीं, बल्कि भारत के कृषि इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों का उत्सव है. उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता उनके परिश्रम के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन का परिणाम है.

उन्होंने भारतीय संस्कृति में अन्न के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘अन्नं बहु कुर्वीत’ केवल एक शास्त्रीय वाक्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र है.राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के समय भारत खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था और ‘Ship-to-Mouth Economy’ (मुश्किल से गुजारा करना) की स्थिति में था. ऐसे समय में पंतनगर विश्वविद्यालय की स्थापना ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी. उन्होंने विशेष रूप से हरित क्रांति में विश्वविद्यालय के योगदान को याद करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों और छात्रों के प्रयासों से देश खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना.

राज्यपाल ने कहा कि आज कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे नए आयाम जुड़ रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ को अपनाएं. उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और ‘जॉब सीकर’ नहीं बल्कि ‘जॉब प्रोवाइडर’ बनने की प्रेरणा दी. राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में जैविक खेती, मिलेट्स, बागवानी, औषधीय पौधों और उच्च मूल्य वाली फसलों में अपार संभावनाएं हैं. सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और पुष्प उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं. उन्होंने पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री को भी किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताया.

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह समारोह कृषि नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. पंतनगर को हरित क्रांति की जन्मस्थली बताते हुए उन्होंने मिलेट्स को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला.सांसद अजय भट्ट ने पंतनगर कृषि विवि का महत्व बताया: सांसद अजय भट्ट ने पंतनगर विश्वविद्यालय को भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय बताते हुए कहा कि इसने देश को खाद्यान्न आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और एग्री-उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया.

कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करते हुए ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है. उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *