बड़ा घोटाला: 83 टन सोना निकला फर्जी!

उदय दिनमान डेस्कःपूरी दुनिया में चीन को अपनी नकली चीजों के लिए जाना जाता है. चाहे वह औद्योगिक उत्पाद हो या उसे बैंक से लोन लेना हो. वह नकली और जो चीजें मौजूद नहीं हैं, उन्हें दिखाकर घपले कर लेता है अब पता चला कि चीन के गोल्ड रिजर्व का 4 फीसदी से ज्यादा यानी 83 टन सोना नकली है. यह घपला किया है कि चीन की एक बड़ी ज्वेलरी कंपनी ने जिसका हेडक्वार्टर वुहान में है.

जीरो हेज नामक वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक किंगोल्ड ज्वेलरी कंपनी वुहान में है. इसने चीन की 14 फाइनेंशियल कंपनियों (शैडो बैंक) से पिछले पांच सालों में 2.8 बिलियन डॉलर यानी 21,148 करोड़ रुपए का लोन लिया. यह लोन लेने के लिए कंपनी ने 83 टन नकली गोल्ड बार (सोने की ईंटें या बिस्किट) जमानत के तौर पर रखे.

हाल के इतिहास में इसे चीन का सबसे बड़ा सोने का घोटाला माना जा रहा है. इस घोटाले में फिर से वुहान शहर का नाम आया है. जहां से छह महीने पहले पूरी दुनिया में कोरोना वायरस फैला. किंगोल्ड ज्वेलरी कंपनी नैसडैक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है. यह दुनिया की सबसे बड़ी निजी कंपनी है जो सोने का काम करती है. इसका मार्केट कैप 8 मिलियन डॉलर यानी 60.41 करोड़ रुपए है. कंपनी के मालिक हैं पूर्व मिलिट्री अफसर जिया झिहोंग.


जीरो हेज की रिपोर्ट के मुताबिक किंगोल्ड ज्वेलरी कंपनी ने 16 बिलियन युआन यानी 17,017 करोड़ रुपए के लोन के लिए बतौर जमानत, सिक्योरिटी और बीमा के लिए 83 टन सोने की ईंटें-बिस्किट रिजर्व में रखवाए थे. लेकिन जांच में पता चला कि वह तांबा है.

अब ये लोन 30 बिलियन युआन यानी 32,073 करोड़ की संपत्ति से वसूला जाएगा. वसूली करने का काम चीन की बीमा कंपनी पीआईसीसी प्रॉपर्टी एंड कैजुल्टी कोऑपरेटिव लिमिटेड करेगी. साथ में कुछ अन्य छोटी बीमा कंपनियां भी इस काम में लगेंगी.


इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इस साल फरवरी में किंगोल्ड कंपनी ने डोंगगुआन ट्रस्ट को. लिमिटेड (चीन का शैडो बैंक) का लोन नहीं दिया. तब कंपनी ने किंगोल्ड द्वारा बतौर जमानत सोने की ईंटे निकलवाई. उसकी जांच की गई तो पता चला कि वह तांबा है. इसके बाद किंगोल्ड को लोन देने वाली कंपनियों में हड़कंप मच गया.

इसके बाद किंगोल्ड कंपनी को सबसे ज्यादा लोन देने वाली कंपनी चाइना मिनशेंग ट्रस्ट ने अदालत से आदेश जारी कराया कि किंगोल्ड की ओर से बतौर जमानत रखे गए सोने की ईंटों की जांच की जाए.

22 मई को पता चला कि मिनशेंग के पास रखे सोने की ईंटे में तांबें की निकली. किंगोल्ड के मालिक जिया झिहोंग ने फ्रॉड के आरोपों से इंकार किया है. जिया ने कहा कि हमने कहीं भी नकली गोल्ड बार्स नहीं रखे. न ही उसे जमानत के तौर पर उपयोग किया. किंगोल्ड कंपनी 2002 में स्थापित की गई थी. तब यह एक सोने की फैक्ट्री हुआ करती थी.

इस फैक्ट्री को पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना से अनुमति मिली थी. बाद में यह कंपनी नैसडैक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो गई. लेकिन अब इस मामले के सामने आने के बाद इस कंपनी का नाम खराब हुआ है.

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व अमेरिका के पास है. यहां 8134 टन सोना है. उसके बाद दूसरे नंबर पर जर्मनी 3364 टन और तीसरे पर इटली 2452 टन है. चीन 1948.30 टन गोल्ड रिजर्व के साथ छठें नंबर पर है. भारत इस लिस्ट में नौवें नंबर पर है. इसके पास 642 टन सोना रिजर्व में है.

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