गंगा नदी में डूबी नाव, 15 लोग थे सवार

मेरठ: मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर मंगलवार की सुबह एक नाव डूबी गई है। इस नाव में 15 लोग सवार बताए जा रहे थे जिसमें से 10 लोग तैरकर बाहर आ गए, बाकी पांच लोगों की तलाश की जा रही है।

इस नाव में अन्‍य गांव में पढ़ाने के लिए जाने वाले अध्‍यापकों के साथ किसान आदि भी सवार थे। दो सरकार टीचर अभी लापता बताए जा रहे हैं। बाद में प्रदेश के जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्‍होंने यहां पर बचाव एवं राहत कार्य का जायजा लिया।

नाव में छह से सात टीचर मौजूद थे। दुर्घटना का पता चलने के बाद पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं लापता लोगों की तलाश के लिए पीएसी की मोटरबोट भी मंगाई गई है। गंगा नदी में डूबे लापता लोगों की तलाश के सर्च अभियान चलाया जा रहा है। जो नौ लोग तैरकर लौट आए, वे सभी काफी घबराए हुए हैं। नाव दुर्घटना के क्षेत्र में हड़ंकप मच गया है। मौके पर बड़ी संख्‍या में लोगों की भीड़ जुट गई है।लापता लोगों में महेश कुमार निवासी भीमनगर शिक्षक और मोनू टावर कर्मी अरुण निवासी भीम नगर शामिल हैं।

डीएम दीपक मीणा ने हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा नदी में नाव डूबने की एसडीएम मवाना से फोन पर ली हादसे की जानकारी। हादसे में बचे लोगों को अस्पताल पहुंचाने के निर्देश। लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी टीम। इस बीच एसडीएम अखिलेश यादव और बचाव टीम भी जल्द पहुंच रही है।

हादसे में अभी पांच लोग लापता हैं। डीएम दीपक मीणा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। डीएम ने एनडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सरधना में पहले से रिजर्व चल रही पीएसी की एक टुकड़ी को भी मौके पर बुलाया गया है। घटनास्थल पर डूबने वाले लोगों के स्वजन पहुंच रहे हैं। गंगा तट पर चीख-चीत्कार का माहौल है। हस्तिनापुर के अलावा मवाना, फलावदा, बहसूमा थानों की पुलिस को भी मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जनपद मेरठ में नाव डूबने के हादसे का लिया संज्ञान। डीएम और पुलिस के उच्चाधिकारियों को शीघ्र घटनास्थल पर पहुंचे के निर्देश। युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य के कराए जाने के निर्देश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाव हादसे के मौके पर मौजूद सभी अधिकारीयों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एनडीआरएफ,एसडीआरफ की टीम को मौके पर जाकर राहत कार्य को युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि सोमवार को बिजनौर से नाव से करीब 16 लोग हस्तिनापुर के भीमकुंड पहुंचे। यहां अचानक नाव पलट गई, जिससे सभी लोग डूब गए। इनमें से 11 लोगों को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पांच लोगों का अभी तक कोई पता नहीं है।

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