टूटा बारिश का रिकॉर्ड, मचा हाहाकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दो द‍िनों से हो रही मूसलाधार बार‍िश के चलते अधिकतर जिलों की सूरत बिगड़ गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली गुल की समस्या पैदा हो गई है।

वहीं जलभराव के चलते सड़कों पर जगह-जगह जाम लगने की समस्या से लोगों को भारी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज बारिश के चलते शुक्रवार को राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के सभी स्‍कूल कालेज के साथ सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी हुआ है। यह आदेश लखनऊ के ज‍िलाध‍िकारी सूर्य पाल गंगवार ने जारी क‍िया है।

बात करें प्रदेश के अन्य शहरों की तो कानपुर में पिछले तीन दिनों में करीब 95 मिमी बारिश हो चुकी है। सीएसए यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुनील पांडेय के अनुसार, मॉनसून की ट्रफ लाइन सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड से गुजर रही है। शनिवार तक यहां भारी बारिश की संभावना है।

डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि मॉनसून के सीजन में 763.1 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य माना जाता है। इस साल अब तक करीब 710 एमएम बारिश रेकॉर्ड हुई है। इसमें भी करीब 100 मिलीमीटर बारिश पिछले तीन दिनों में रेकॉर्ड हुई है। पिछले एक दशक में 2019 में सितंबर में सबसे ज्यादा 245 एमएम बारिश दर्ज हुई है। 2021 में भी सितंबर के महीने में ज्यादा बारिश का ट्रेंड बरकरार रहा और 190.9 एमएम बारिश हुई।

लखनऊ में गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शाम होते-होते झमाझम बरसात में बदल गई, और ये सिलसिला देर रात से बदस्तूर जारी है। जिसके चलते राजधानी के कई इलाको में जलभराव के साथ-साथ बिजली गुल की समस्या प्रकट हो गई है।

कई इलाकों में रात में हुई मूसलाधार बारिश के चलते घरों में पानी भर गया। लगातार बारिश के चलते राजधानी के कई हिस्सों में ट्रांसफार्मर धड़ाम बोल गए। जिससे उन इलाकों में देर रात से ही बिजली का संकट छा गया है। कई लोग इसको लेकर आधी रात से ही ट्वीट कर अपने इलाके की जानकारी सोशल मीडिया पर सांझा कर रहे हैं।

बीते 24 घंटे में गोरखपुर में हुई बारिश ने आफत मचा दी है। चारों तरफ पानी-पानी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूलों में पानी भर जाने से छुट्टी हो गई है। वहीं कई कार्यालयों में भी पानी घुस जाने से कामकाज पर असर पड़ा है। जिला अस्पताल की ओपीडी तक पानी भर जाने से कोई काम नहीं हो पाया। इमरजेंसी के सामने भी भारी जलजमाव को मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहरी इलाकों के कई मोहल्ले देर शाम तक जलमग्न रहे।

बारिश की वजह से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। कई इलाकों में 14 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। भारी बारिश की वजह से मोबाइल फोन के नेटवर्क पर भी असर पड़ा है।मौसम के खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी लखनऊ रवाना होने में विलंब हुआ। मौसम विज्ञानी केसी पांडेय के मुताबिक 10 साल बाद गोरखपुर में ऐसी बारिश रेकॉर्ड की गई है।

जालौन जिले में लगातार पिछले 3 दिनों से बारिश हो रही है। इस बारिश में कई नाले उफान पर आ गए है। उरई शहर सहित ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया है। तेज बारिश के कारण व्यासपुरा गांव का संपर्क मुख्यालय से टूट चुका है। यहां पानी की चपेट में आकर लगभग 9 मकान गिर गए हैं।

शहर के मोहल्ला रामनगर में नाला का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।बस्ती जिले में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। स्कूली बच्चों को स्कूल आने जाने में खासी दिक्कतें हो रही है। भारी बारिश के चलते यहां जन -जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

गोंडा में 3 दिन से लगातार हो रही बारिश ने नगर पालिका की पोल खोल दी है। सड़कों पर जहां 3 फिट से ज्यादा जलभराव है, तो वहीं नाली और नाले उफान पर हैं। तराई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा घाघरा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।

बलिया जिले में भी बीते तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में यहां स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां सड़कों पर कई जगह जलजमाव हो गया है।

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