सावधानः हिंदुकुश से लेकर उत्तर पूर्व में भूंकप का खतरा

नई दिल्लीःवाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार ने कहा है कि, दिल्ली और एनसीआर में फिलहाल किसी बड़े भूंकप की संभावना काफी कम है। उन्होंने कहा कि, भूगर्भीय तनाव को हिमालयी क्षेत्र के थ्रस्ट (दरार) झेल रहे हैं, इसलिए दिल्ली क्षेत्र में लम्बे समय से कोई बड़ा भूंकप नहीं आया है।

उनका यह भी कहना है कि, यह भूगर्भीय तनाव हिंदुकुश से लेकर उत्तर पूर्व में तो बड़ा भूंकप ला सकती है, लेकिन दिल्ली में इसकी तीव्रता कम ही रहेगी। वैज्ञानिक डा. सुशील कुमार ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि, अपने शोध में उन्होंने पाया है कि, हिमालयी बेल्ट के साथ दिल्ली-एनसीआर के बीच में मथुरा फॉल्ट, महेन्द्रगढ़-देहरादून सब सरफेस, मुरादाबाद फॉल्ट, सोहना फॉल्ट, ग्रेट बाउंड्री फॉल्ट और दिल्ली-हरिद्वार रिज, भूगर्भीय तनाव को छोटे-बड़े फॉल्टों में ट्रांसफर कर रही हैं।

ये ट्रांसफर फॉल्ट दो से तीन सौ किलोमीटर तक लम्बे हैं। ये तनाव विभाजित होकर बड़े भूकंप का खतरा कम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, हिमालय क्षेत्र से दिल्ली की दूरी 250 से 300 किलोमीटर के आसपास है। इसलिए हिमालय में आए भूंकप का असर इस इलाके में भी दिख सकता है। हालांकि इसकी तीव्रता काफी कम होगी।

हिमालय क्षेत्र में जमीन के नीचे रिलीज हो रही ये भूगर्भीय एनर्जी ही दिल्ली-एनसीआर को बड़े भूकंप से बचा रही है। इस एनर्जी से दो से तीन सौ किलोमीटर के क्षेत्र में बहुत सारे छोटे छोटे ट्रांसफर फॉल्ट बन रहे हैं, जो खतरा घटा रहे हैं।
सुशील कुमार ,वैज्ञानिक जी व समूह प्रमुख भू-भौतिकी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, देहरादून

दिल्ली के भूकंप के रिकार्ड पर भी नजर डाले तो साफ है कि यहां भूंकप को लेकर पैनिक की जरूरत नहीं। डा.सुशील ने इस शोध को विस्तृत किया है।
डा. कालाचांद सांई, निदेशक वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, देहरादून

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *