चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

ऋषिकेश: पाकिस्तान के 48 सिख यात्रियों का जत्था श्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया। इस वर्ष जत्थेदार सरदार सतेंद्रपाल सिंह के साथ 48 सदस्यीय दल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए पहुंचा है।

शनिवार को यह दल ऋषिकेश के गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट में पहुंच गया था। रविवार को देहरादून में फारेन रिलेशन आफिसर (एफआरओ) को सूचित करने के बाद यह जत्था दोपहर में ऋषिकेश से श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए रवाना हुआ।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स. नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस जत्थे में कुल 48 लोग शामिल हैं। रविवार रात जोशीमठ में विश्राम करने के बाद सोमवार को यह हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्थान कर गया।

सप्ताहांत और पितृ पक्ष के चलते इन दिनों तीर्थनगरी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से पैक है। रविवार को तीर्थनगरी में बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचे। वाहनों की आमद बढ़ने से तीर्थनगरी की सड़कों पर वाहनों का दिन भर दबाव बना रहा। वहीं चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी पिछले कुछ दिनों में खासी बढ़ गई है।

पितृ पक्ष के शुरू होने के साथ ही चारधाम यात्रा ने भी गति पकड़ ली थी। पिछले एक सप्ताह में चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की संख्या में बड़ी तेजी आई है। चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में तीर्थयात्रियों की आमद बढ़ने से सभी होटल, धर्मशालाओं और अन्न क्षेत्रों में यात्रियों की खासी भीड़ बनी हुई है।

वहीं बड़ी संख्या में ऐसे यात्री भी पहुंच रहे हैं, जो रेलवे स्टेशन, चार धाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड तथा अन्य खुले स्थानों पर अपने संसाधनों के साथ यात्रा कर रहे हैं। जिससे एक बार फिर से चारधाम यात्रा में ग्रामीण भारत के दर्शन तीर्थनगरी में हो रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने ऋषिकेश त्रिवेणी घाट व अन्य गंगा घाटों पर अपने पितृों का श्राद्ध व तर्पण कर्म भी संपन्न कराया।

पितृ पक्ष के साथ सप्ताहांत का अवकाश होने के कारण बीते दो दिनों से बड़ी संख्या में पर्यटक भी ऋषिकेश पहुंचे। रविवार को पर्यटकों के वाहनों के चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बना रहा, जिससे कई जगह जाम और स्लो ट्रेफिक की समस्या भी बनी रही।

देर सायं तक ऋषिकेश से लौटने वाले पर्यटकों के वाहनों से सड़कें पैक रही। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के अलावा, मुनिकीरेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम तथा लक्ष्मणझूला आदि क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए पहुंचे।

पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ने से बीते शुक्रवार की दोपहर में पर्यटन विभाग ने राफ्टिंग पर रोक लगा दी थी। शनिवार को तकनीकी समिति ने गंगा में राफ्टिंग को लेकर जांच भी की थी, जिसमें फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से राफ्टिंग को रोकने की सलाह दी गई थी।

इस बार सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटक गंगा में राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। मगर रविवार को भी राफ्टिंग बंद होने से पर्यटकों को मायूष ही लौटना पड़ा। हालांकि गंगा घाटी के अलावा शिवपुरी तथा हेंवल घाटी के कैंपों में अच्छी संख्या में पर्यटक पहुंचे।

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