कोरोनाः उत्तराखंड में 278 नए मामले, दस मरीजों की मौत

देहरादून। उत्तराखंड में 278 मामले सामने आए हैं, जिनमें सबसे अधिक 85 मामले ऊधमसिंहनगर जिले में सामने आए हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 73, नैनीताल 34, देहरादून 21, टिहरी 16, चंपावत सात, छह-छह मामले पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी, चार रुद्रप्रयाग, एक चमोली में सामने आया है। वहीं, 304 मरीज पूरी तरह से ठीक हुए हैं, जबकि दस संक्रमितों की मौत हुई है।

प्रदेश में चौबीस घंटों के अंदर दस कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। इसमें तीन मौत दून मेडिकल कालेज अस्पताल में और तीन मरीजों की मौत एम्‍स ऋषिकेश में हुई। शुक्रवार को दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित तीन लोगों की मौत हो गई। सुद्धोवाला निवासी 56 वर्षीय महिला, गोवर्द्धनपुर लक्सर निवासी 62 वर्षीय महिला और भूपतवाला हरिद्वार निवासी 73 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही 63 वर्षीय महिला की दून अस्पताल में मौत हुई।

वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) ऋषिकेश में शुक्रवार को कोविड पॉजिटिव चार मरीजों की मौत हो गई। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि कस्बा नहटौर थाना नहटौर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी 80 वर्षीय महिला, ज्वालापुर हरिद्वार निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग, कनखल हरिद्वार निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग और 25 वर्षीय युवक मूल रूप से पश्चिम चंपारण बिहार की मौत हो गई है। इसके अलावा तीन मरीजों की मौत सुशीला तिवारी अस्पताल में हुई है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की की एक महिला कनिष्ठ सहायक में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से संस्थान में हड़कंप की स्थिति है, क्योंकि यह महिला कर्मचारी शुक्रवार को भी कार्यालय में उपस्थित थी। तीन अगस्त को महिला कर्मचारी का कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल लिया गया था।

महिला कर्मचारी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आने वाले स्टाफ को चिह्नित किया जा रहा है। साथ ही सतत शिक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है। संस्थान प्रशासन ने महिला कर्मचारी के संपर्क में आने वाले स्टाफ को चिकित्सालय में संपर्क करने के लिए कहा है।

वहीं, संस्थान ने स्टाफ और छात्रों को कोरोना वायरस को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आइआइटी रुड़की की मीडिया सेल प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव ने संस्थान के सतत शिक्षा केंद्र की कनिष्ठ सहायक के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जम्मू कश्मीर से आए एक सेना के जवान की रेंडम रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जवान को एंबुलेंस से सर्वे चौक देहरादून स्थित तीलू रौतेली भवन में बने को भी सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

नगर निगम रुड़की में तैनात एक कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गया है। जिसके बाद नगर निगम कार्यालय को सील कर दिया है। कर्मचारी के संपर्क में आए अन्य कर्मियों को चिहि्नत किया जा रहा है। उनकी भी कोविड-19 की जांच कराई जा रही है। तीन दिन पहले नगर निगम के एक ठेकेदार में भी पुराना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों का तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को भी सेना व आइटीबीपी के 66 जवानों समेत 369 और लोग संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा रुद्रपुर के महापौर की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रदेश में अब तक 8623 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें से 5427 लोग ठीक हो चुके हैं। फिलवक्त, 3054 मरीजों का इलाज चल रहा है। 38 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुरुवार को 4313 सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 3944 मामलों में रिपोर्ट निगेटिव और 369 की पॉजिटिव आई है। हरिद्वार में सबसे ज्यादा 109 लोग पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 30 संक्रमितों के संपर्क में आए लोग हैं।

वहीं अन्य की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं चल पाई है। देहरादून में 68 नए मामले हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी और सात सेना व आइटीबीपी के जवान हैं। ऊधमसिंहनगर में भी रूद्रपुर के महापौर समेत 56 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी, छह गर्भवती महिलाएं और दो फ्लू क्लीनिक में चेकअप कराने पहुंचे लोग हैं।

25 पूर्व संक्रमितों के संपर्क में आए लोग हैं। उत्तरकाशी में आइटीबीपी के 34 जवान संक्रमित मिले हैं। एक दिन पहले भी यहां आइटीबीपी के 30 जवान संक्रमित मिले थे। नैनीताल में 33 नए केस मिले हैं। इनमें 22 संक्रमितों के संपर्क में आए लोग हैं। पांच की ट्रेवल हिस्ट्री पता नहीं चली है। छह लोग जांच कराने को फ्लू क्लीनिक में पहुंचे थे।

टिहरी में भी 30 लोग में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिनमें 29 की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं चली है। एक व्यक्ति दुबई से लौटा है। बागेश्वर में भी सेना के 14 जवानों समेत 21 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा चमोली में नौ, अल्मोड़ा में पांच और पौड़ी व पिथौरागढ़ में भी दो-दो मामले मिले हैं।

देहरादून जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी यहां तीन स्वास्थ्य कर्मियों और सेना व आइटीबीपी के 18 जवानों समेत 68 नए संक्रमित मिले। चिंता की बात यह है कि मरीजों की मौत का आंकड़ा भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक कोरोना संक्रमित 59 मरीजों की मौत हो चुकी है। यह प्रदेश में हुई कुल मौतों का करीब 57 फीसद है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि गुरुवार को सेना के तेरह और आइटीबीपी के पांच जवानों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई हैं। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश में भी 26 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इनमें मेडिकल की एक छात्रा और लैब टेक्नीशियन भी शामिल हैं। वहीं, एक अस्पताल के चिकित्सक व दो स्टाफ की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती पांच लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। सभी मरीजों को एसीएमओ डॉ. यूएस चौहान और चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचित गर्ग की टीम दून अस्पताल व कोविड केयर सेंटरों में भर्ती करा रही है। वहीं, ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र के शीशमझाड़ी इलाके में एक साथ संक्रमण के कई मामले आने पर छह गलियों को सील कर दिया गया है।

नगर निगम में कोरोना संक्रमित हेल्थ इंस्पेक्टर के नजदीकी संपर्क में आए चार और कार्मिकों को चिह्नित किया गया है। नगर आयुक्त के आदेश पर इन चारों को भी होम आइसोलेट कर दिया गया है। इससे पूर्व इनके कोविड जांच के लिए सैंपल भी लिए गए।

इंस्पेक्टर के संक्रमित होने के बाद निगम के स्वास्थ्य अनुभाग का स्टोर संभालने वाले सभी कर्मी संदेह के घेरे में हैं। हालांकि, इन्हें फिलहाल आइसोलेट नहीं किया गया है, लेकिन सभी की कोविड जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

निगम में बुधवार को कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आने के बाद गुरुवार तक कुल 14 कर्मियों को आइसोलेट किया जा चुका है। एक हेल्थ इंस्पेक्टर के कोराना संक्रमित मिलने के बाद नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने संबंधित इंस्पेक्टर के संपर्क में आए सभी कर्मियों को चिह्नित करने व उन्हें होम आइसोलेट करने के आदेश दिए थे।

बुधवार शाम तक वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरके सिंह ने दस कर्मियों को चिह्नित किया था, जबकि गुरुवार को चार और कर्मी चिह्नित किए गए। आयुक्त ने खांसी और जुकाम आदि के लक्षण वाले कर्मियों की कोविड जांच कराने का आदेश दिया है। इसके लिए निगम ने एक प्राइवेट पैथोलॉजी लैब से करार किया है।

नगर निगम में कोराना संक्रमण का पहला मामला सामने आने के बाद नगर आयुक्त के आदेश पर बुधवार सुबह ही दफ्तर को सामान्य जन के लिए बंद कर दिया गया था व पूरे दफ्तर और परिसर का सैनिटाइजेशन कराया गया था।

गुरुवार को दफ्तर तो खुला लेकिन आमजन का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। नगर आयुक्त पांडेय ने बताया कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए जनता के प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। शुक्रवार को यह प्रतिबंध नहीं रहेगा और आमजन तय शर्तो के अनुसार दफ्तर में कार्य कराने को लेकर प्रवेश कर सकेंगे।नगर आयुक्त ने गुरुवार को निगम परिसर में मास्क वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया। इसमें पांच रुपये का सिक्का डालकर कोई भी मास्क ले सकता है।

खटीमा निवासी बुजुर्ग महिला एक माह से अधिक के अंतराल के बाद जांच में दोबारा कोरोना संक्रमित पाई गईं। चिकित्सकों के मुताबिक दोबारा कोरोना संक्रमित होने का राज्य में यह पहला केस है। इससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

खटीमा के ग्राम चकरपुर निवासी 75 वर्षीय महिला अपने बेटे के साथ दिल्ली में रहती थीं। कोरोना संक्रमण में फंसे लोग जब अपने घर लौटने लगे तो महिला भी बेटे के साथ 18 जून को लौट आई। खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत पर 19 जून को कोरोना जांच के लिए नमूने भेजे गए। संक्रमित पाए जाने पर महिला का नागरिक अस्पताल में उपचार हुआ।

इधर, दोबारा खांसी, जुकाम व बुखार होने पर महिला का 15 जुलाई से नागरिक अस्पताल खटीमा में उपचार चला। जब आराम नहीं मिला तो 31 जुलाई को कोरोना की जांच के लिए नमूने लिए। पांच अगस्त को आई रिपोर्ट में महिला फिर से संक्रमित पाई गईं। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि जिले में यह पहला ऐसा मामला है।

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