कोरोना है ‘चीनी वायरस’, चीनी वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा

उदय दिनमान डेस्कःअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड-19 महामारी नहीं रोक पाने के लिए एक बार फिर चीन पर हमला बोला और इसे ‘चीनी वायरस’ कहा, साथ ही अपने समर्थकों से अपील की कि वे इसे ‘कोरोना वायरस’ न बोलें क्योंकि यह नाम सुनने में इटली में कोई ‘खूबसूरत स्थान’ जैसा लगता है.

पेनसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से मंगलवार को कहा कि अगर वह दोबारा निर्वाचित होते हैं तो अगले चार वर्ष में उनका प्रशासन अमेरिका को उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया का महाशक्ति बना देगा और अमेरिका की ‘चीन पर निर्भरता को हमेशा के लिए खत्म कर देगा.

उन्होंने तीन नवंबर को होने वाले चुनाव को ‘ आर्थिक अस्तित्व का मुद्दा’ करार देते हुए कहा कि महामारी से पहले अमेरिका आर्थिक स्तर पर अच्छा कर रहा था. उन्होंने कहा, आपका पिछला साल काफी अच्छा रहा था और आप अपने रास्ते पर सही जा रहे थे-चीन ने जो किया उससे मैं बेहद दुखी हूं. उन्होंने महामारी को फैलने दिया. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. हमने दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश का निर्माण किया और अब भी हम ऐसा कर रहे हैं.

ट्रंप ने कहा, यह चीनी वायरस है. यह कोरोना वायरस नहीं है. कोरोना सुनने में लगता है कि इटली का कोई स्थान हो-एक खूबसूरत स्थान. कोरोना,नहीं? यह चीनी वायरस है. वे यह नहीं कहना चाहते हैं. आप जानते हैं कि अतिवादी वामपंथी इसे नहीं कहना चाहते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी कोरोना वायरस को चीनी वायरस कह चुके हैं.

ली मेंग यान ने का दावा : इधर चीनी वायरस वैज्ञानिक डॉक्टर ली मेंग यान ने एक दावा करके सबको चौंका दिया है. उनका कहना है कि खतरनाक कोरोना वायरस वुहान की एक सरकारी लैब में विकसित किया गया था. एक न्यूज चैनल से इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही.

उन्होंने ये भी कहा कि चीन की सरकार को संक्रमण के फैलाव के बारे में जानकारी थी. वुहान में प्रकोप की शुरुआत में कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करनेवाली डॉक्टर ली मेंग यान ने आगे कहा कि उन्होंने वुहान में प्रकोप के छिपाए जाने का पता लगाया था. यान के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसका हिस्सा है.

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