कोरोना लॉकडाउन से चीन की सबसे बड़ी फैक्ट्री में हड़कंप, 1 लाख से ज्यादा कर्मचारी भागे

बीजिंग: कोरोना वायरस महामारी को ढाई साल से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन अभी तक इसका सफर जारी है। जबसे कोरोना वायरस की एंट्री हुई है तब से लगातार कोरोना का कोई न कोई नया रूप अलग-अलग स्ट्रेन और वेरिएंट के रूप में मिलता ही गया है।

दुनिया में इस महामारी के मामलों में भले ही कमी आई हो, लेकिन चीन में कोरोना का साया एक बार फिर से गहराने लगा है। चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के तहत जहां भी कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं, वहां पाबंदियां और लॉकडाउन लगाया जा रहा है। इस बीच दिग्गज फोन विनिर्माता एप्पल (Apple) के चीन में झेंगझाउ स्थित आईफोन फैक्ट्री से एक लाख से ज्यादा कर्मचारी डर के मारे भाग गए हैं।

झेंगझाउ स्थित यह फैक्ट्री एप्पल के सबसे लोकप्रिय उत्पाद आईफोन के विनिर्माण का सबसे बड़ा केंद्र है। करीब 2 लाख कर्मचारियों वाले इस संयंत्र का संचालन फॉक्सकॉन करती है। एक कर्मचारी ने अपना नाम सामने न आने की शर्त पर कहा कि कारखाने की असेंबली लाइंस पर तैनात कर्मचारियों के लगातार संक्रमित होने की खबरें आ रही हैं। ऐसी स्थिति में कर्मचारी अपनी जिंदगी को लेकर आशंकित महसूस कर रहे हैं और उत्पादन कार्य छोड़कर जाने लगे हैं।

हालांकि, फॉक्सकॉन की तरफ से कहा गया है कि कारखाने में काम करने वाले कर्मचारियों का बाहरी लोगों से कोई संपर्क नहीं होता है और मैनेजमेंट संक्रमण पर काबू पाने के लिए ‘बंद-लूप’ का तरीका अपना रहा है।

फॉक्सकॉन ने संक्रमित कर्मचारियों की संख्या और उनके इलाज के तौर-तरीकों की जानकारी भी नहीं दी है। कोविड संक्रमण बढ़ने से आईफोन विनिर्माण पर पड़ने वाले असर के संदर्भ में फॉक्सकॉन ने कहा कि वह ऐसी किसी भी आशंका को दूर करने के लिए अन्य कारखानों के साथ तालमेल करेगी।

यह साफ नहीं हो पाया है कि इस कारखाने के कितने कर्मचारी वहां से निकल चुके हैं। लेकिन झेंगझाउ कारखाने के कर्मचारियों और सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फॉक्सकॉन के कारखाने के करीब एक लाख कर्मचारी जा चुके हैं।

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