तेजी से पैर पसार रहा डेंगू

ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। पूरे जनपद के 50 प्रतिशत मामले ऋषिकेश से जुड़े हैं। यहां डेंगू पीड़ितों की संख्या 27 हो गई है, जबकि जनपद में कुल 55 मामले दर्ज किए गए हैं।

अकेले चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में यह संख्या 19 तक पहुंच गई है। ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी रोकथाम की बड़ी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन के ऊपर है। वर्तमान में नगर निगम की हालत यह है कि यहां बिना हथियार जंग लड़ने का दावा किया जा रहा है।

मात्र दो सफाई निरीक्षक के भरोसे निगम के 40 वार्ड की सफाई व्यवस्था है। सघन सफाई और फोगिंग अभियान का दावा जोर शोर से किया गया था, हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा है। अगर सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होती तो डेंगू के मामले नहीं बढ़ते। वर्तमान में चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा बस्ती क्षेत्र डेंजर जोन बना हुआ है।

यहां प्रतिदिन दो से तीन मामले सामने आ रहे हैं। बीते रविवार तक यहां 17 लोग डेंगू पीड़ित थे। सोमवार को दो अन्य व्यक्तियों की रिपोर्ट भी धनात्मक आई है। इसी के साथ यहां डेंगू पीड़ित की संख्या 19 हो गई है। अकेले ऋषिकेश में 27 लोग डेंगू पीड़ित हैं। जिनकी पुष्टि राजकीय चिकित्सालय की जांच प्रयोगशाला से हो चुकी है। जबकि जनपद में कुल 55 मामले दर्ज किए गए हैं।

राजकीय चिकित्सालय के अंतर्गत काम करने वाली आशा वर्कर के भरोसे डेंगू के खिलाफ जन जागरण अभियान छेड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंप्लेट छपवाए गए हैं। जिन्हें प्रत्येक नागरिक के घर तक पहुंचाना आशा वर्कर की जिम्मेदारी है। जिला मलेरिया विभाग की माने तो आशा वर्कर का काम नागरिकों को जागरूक करना है, न कि लोग के घर में जाकर मच्छरों को मारना।

सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र में ना ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है ना ही नगर निगम की। चंद्रेश्वर नगर चंद्रभागा बस्ती में डेंगू के बढ़ रहे मामलों के बीच स्थानीय नागरिक भयभीत हैं। डेंगू के साए में कोतवाली देहरादून रोड स्थित राजकीय चिकित्सालय के ठीक बगल में स्थित कोतवाली परिसर और आवासीय क्षेत्र भी डेंगू से सुरक्षित नहीं है।

दो वर्ष कोरोना काल के दौरान नियमित रूप से सघन सैनिटाइजेशन अभियान चलाया गया था। जिसके परिणाम स्वरूप यहां एक भी मामला डेंगू का सामने नहीं आया था। तीन वर्ष पूर्व जब डेंगू यहां बड़ी तेजी के साथ फैला था तो राजकीय चिकित्सालय के कई स्टाफ डेंगू पीड़ित थे।

बगल में स्थित कोतवाली में रहने वाले 27 पुलिसकर्मी भी डेंगू की चपेट में आए थे। वर्तमान में भी दो पुलिसकर्मी संदिग्ध रूप से डेंगू पीड़ित पाए गए हैं। यहां अब तक ना ही नगर निगम और ना ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है।

राजकीय चिकित्सालय में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। यहां ऐसे मरीजों का उपचार भी हो रहा है। यहां की प्रयोगशाला में एलाइजा जांच की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रतिदिन डेंगू को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र की रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है। यहां भर्ती कई मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

– डा. पीके चंदोला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय चिकित्सालय, ऋषिकेश

सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। कोतवाली परिसर का निरीक्षण किया गया है। यहां आशा वर्कर की टीम भेजकर पुलिसकर्मियों और उनके परिवार वालों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस विभाग स्वयं और नगर निगम इस दिशा में कार्रवाई करेगा। मलेरिया विभाग अपने स्तर पर सभी विभागों और नगर निगम को कीटनाशक उपलब्ध करा रहा है।

– सुभाष चंद्र जोशी, जिला मलेरिया अधिकारी, देहरादून

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