किसान का देश की अर्थव्यवस्था मे विशेष योगदान:DM

हल्द्वानी  . काश्तकारों को धान का सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का भुगतान हो और क्रय केन्द्रों पर मानकों के अनुसार धान की खरीद हो तथा क्रय केन्द्रों पर काश्तकारो के लिए सभी सुविधायें उपलब्ध रहें। इसके सम्बन्ध मे जिलाधिकारी श्री सविन बंसल द्वारा क्रय एजेन्सीयों को दिशा निर्देश जारी किये गये है। विगत दिनों श्री बंसल द्वारा गौलापार तथा लाखनमण्डी चोरगलिया धान क्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थायें परखी तथा काश्तकारों से दोतरफा संवाद भी कायम किया।

जिलाधिकारी को काश्तकारों ने अनेकों अव्यवस्थाओं के बारे मे बताया तथा क्रय केन्द्र एजेन्सियोें की सुस्ती की ओर भी ध्यान दिलाया। किसानो द्वारा बताई गई समस्याओं को जिलाधिकारी द्वारा गम्भीरता से लिया गया है। उन्होने कहा कि किसान का देश की अर्थव्यवस्था मे विशेष योगदान है। कडी मेहनत के साथ उसके द्वारा की गई उपज का वाजिब दाम मिले और वह बिचैलियों के शोषण से मुक्त रहे इसके लिए हमको सामुहिक प्रयास तत्परता के साथ कार्य करना होगा। क्रय एजेन्सीयों के अधिकारी तथा सम्बन्धित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी क्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था को और बेहतर बनायें।

गौलापार स्थित साधन सहकारी समिति कुुंवरपुर के धान क्रय केन्द्र में पीने के पानी की उचित व्यवस्था ना पाये जाने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये हैं कि क्रय केन्द्र पर पानी के टैंक की समुचित सफाई व्यवस्था कराई जाए। उन्होने सहायक निबंधक सहकारी समितियां को निर्देश दिये कि क्रय केन्द्रों पर किसानों एव श्रमिकों के लिए पेयजल के डिस्पेंशर एवं डिस्पोजल कप रखे जांए। पेयजल की व्यवस्था इस प्रकार से हो कि कोविड 19 के संक्रमण की सम्भावना ना रहे।

क्रय केन्द्र पर कम्प्यूटर मे नैट का संयोजन ना होने से खरीद में गति नही हो रही है मोबाइल डाटा के जरिये कम्प्यूटर का संचालन होने से भी काफी बडी रूकावट आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से कम्प्यूटर मे हाई स्पीड नैट संयोजन लगाकर कार्य करने के निर्देश दिेये है ताकि धान क्रय के हेतु सर्वर का निर्बाध संचालन कराते हुए क्रय प्रक्रिया मे आने वाले व्यवधान को दूर किया जा सके। उन्होने क्रय केन्द्र में श्रमिकों की कम संख्या पर भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होने सहायक निबंधक को निर्देश दिये कि वह खरीद मे तेजी लाने के लिए श्रमिको की संख्या मे इजाफा करें।

जिलाधिकारी को काश्तकारों ने बताया कि गौलापार मे चोरगलिया क्षेत्र मे बारीक धान का उत्पादन बहुतायत मे होता है। लेकिन क्रय केन्द्रों पर बारीक धान को नही लिया जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि इन प्रजातियोें के धान की रिकवरी औसत कम होने के कारण खरीदी नही जा रही है। धान क्रय नीति के अनुसार धान हलिंग से 67 प्रतिशत चावल रिकवरी प्राप्त की जानी है।

जिलाधिकारी ने सम्भागीय खाद्य नियंत्रक से कहा कि किसानो के धान नियमों के तहत जिस माप के ग्राहय है उसका नमूना प्राप्त कर परीक्षण कराकर ग्राहय धान का निर्धारण करें इसके लिए सहायक निबंधक को निर्देश दिये हैं कि किसानो से बारीक धान का नमूना प्राप्त कर सम्भागीय खाद्य नियंत्रक के माध्यम से नवीन मण्डी स्थित प्रयोगशाला मे नमूना जांच कराकर काश्तकारों को अवगत कराया जाए तथा सहायक निबंधक धान क्रय हेतु ग्राहय काॅमन तथा ए गे्रड बारीक धान के सम्बन्ध मे बनाये गये नियमो को किसानों को उपलब्ध कराकर व्यापक प्रचार प्रसार भी करायें ताकि किसानों को वास्तविक तथ्यों एवं नियमों की जानकारी हो सके। उन्होनेे कहा धान क्रय केन्द्रो मेे काश्तकारों का पंजीयन व जारी टोकन पर केन्द्र सचिव के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से किये जांए।

गौरतलब है कि धान क्रय केन्द्रों काश्तकारो की लम्बी लाइन को देखते हुये जिलाधिकारी श्री बंसल ने कुवरपुर व लाखन मण्डी मे अतिरिक्त एक-एक तौलकांटा स्थापित करने की स्वीकृति दे दी है। उन्होने अधिकारियों से कहा कि नये कांटे तत्काल स्थापित कर धान खरीद मे तेजी लांये ताकि क्रय केन्द्रो पर किसानो को लम्बा इंतजार ना करना पडे।

उन्होने बताया कि जनपद में नमी का आंकलन करते हुए शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य के तहत काॅमन धान 1868 कुंतल तथा गे्रड ए का धान 1888 प्रति कुंतल क्रय किया जा रहा है। उन्होने जनपद के काश्तकारो से अपील की है कि वह धान की बिक्री के लिए प्रशासन द्वारा स्थापित क्रय केन्द्रों पर ही धान की बिक्री करें। उन्होने कहा कि निर्धारित मूल्य के अनुसार किसानों काो आॅनलाइन भुगतान उनके खातों मे किया जा रहा है।

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