भीषण आग: 400 झुग्गियां और दुकानें राख, रहते हैं 10 लाख से ज्यादा

ढाका: संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में बताया कि तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बांग्लादेश में कॉक्स बाजार जिले में रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविर में मंगलवार (12 मई) को भीषण आग लग गई, जिसमें करीब 400 झुग्गियां और दुकानें जलकर खाक हो गईं।

उसने बताया कि कॉक्स बाजार जिले के कुतुपालॉन्ग के लम्बाशिया शिविर में मंगलवार सुबह आग लग गई। म्यांमार की सीमा से लगते इस जिले में 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं। वे सीमा पार करके बांग्लादेश पहुंचे हैं।

क्षेत्र के मुख्य सरकारी अधिकारी निकार उज़ जमां चौधरी ने बताया कि दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और एक घंटे के भीतर आग बुझा दी।

आग लगने के कारण की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन स्थानीय मीडिया ने कहा है कि एक दुकान में रखे सिलेंडर में विस्फोट के कारण आग लगी हो सकती है। ज्यादातर शरणार्थी म्यांमार से भागकर वहां पहुंचे हैं।

2017 में रोहिंग्या विद्रोही समूह के हमले के बाद म्यांमार की सेना ने भयंकर कार्रवाई की थी। म्यांमार की सेना पर बड़े पैमाने पर बलात्कार करने, नरसंहार करने और घरों को जलाने के आरोप हैं।

दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविरों में से एक बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिम कोरोना वायरस के खतरे के साये में जी रहे हैं क्योंकि यहां छोटे से क्षेत्र में बनीं छोटी-छोटी झोंपड़ियों में कई लोग साथ रहते हैं, यानी अगर यहां संक्रमण फैलता है तो उसे रोक पाना काफी मुश्किल होगा।

यहां प्रति वर्ग किलोमीटर में करीब 4,000 लोग एकदम सटी झोपड़ियों में रहते हैं और जनसंख्या का यह घनत्व बांग्लादेश के औसत घनत्व से 40 गुणा ज्यादा है। प्रत्येक झोपड़ी 10 वर्ग मीटर में बनी है और किसी-किसी झोपड़ी में तो 12 लोग साथ रहते हैं।

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