उत्‍तराखंड में गंगा उत्सव शुरू

उत्तरकाशी: वाटर स्पोर्ट्स एवं योग के साथ जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में तीन दिवसीय गंगा उत्सव शुरू हो गया। पहले दिन केदारघाट के पास आयुर्वेद विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में योगाभ्यास का प्रदर्शन हुआ, वहीं पर्यटन विभाग ने जोशियाड़ा बैराज में वाटर स्पोर्ट्स कयाकिंग प्रतियोगिता आयोजित की।

गंगा उत्सव का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार व अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योग न केवल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर करता है।

इसलिए योग हर नागरिक की दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। गंगा उत्सव के तहत आज शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के जरिये स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

जबकि, रामलीला मैदान में आजीविका संवर्धन के लिए छात्र-छात्राएं स्थानीय उत्पादों के स्टाल लगाएंगे और संस्कृति विभाग की ओर से रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

इस मौके पर गायन कार्यक्रम के साथ स्वामी चिदानंद का उद्बोधन, केदारघाट में गंगा आरती, दीपोत्सव और रामलीला मैदान मे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा रामलीला मैदान में ही लेजर शो का कार्यक्रम भी रखा गया है।

26 नवंबर को भी लोकनृत्य, लेजर शो व अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पहले दिन में कार्यक्रम में गंगा विचार मंच के प्रांत संयोजक लोकेंद्र बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र शर्मा, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटूड़ा आदि मौजूद रहे।

गंगा का मायका कहे जाने वाले उत्तरकाशी शहर में गंगा स्वच्छता के नाम पर गंगा उत्सव जैसे कार्यक्रम तो आयोजित हो रहे हैं, लेकिन गंगा स्वच्छता की ओर किसी का ध्यान नहीं है। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में मुख्य बाजार, ज्ञानसू, जोशियाड़ा, तिलोथ आदि क्षेत्र से गंदे नाले सीधे गंगा में जा रहे हैं।

बीते दो माह से हर दिन नगर पालिका बाड़ाहाट से निकलने वाला 30 टन से अधिक कूड़ा कहां डाला जा रहा है, इसका भी किसी के पास ठोस जवाब नहीं। गंगा के किनारे स्थित गांवों में भी स्वच्छता की स्थिति सही नहीं है।

जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में दस से अधिक गंदे नाले सीधे गंगा में गिर रहे हैं। बावजूद इसके गंगा स्वच्छता के नाम पर सरकारी धन खर्च करने वालों के पास कोई योजना नहीं है।

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