देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश

देहरादून : शनिवार सुबह से देहरादून में सूरज और बादलों के बीच लुका छिपी का खेल जारी है। देहरादून में बादलों का पहरा है। वहीं मौसम विभाग ने भी आज देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार उत्तराखंड में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। शनिवार को प्रदेशभर में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।देहरादून और नैनीताल समेत आसपास के इलाकों में गरज के साथ भारी वर्षा हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है।

नई टिहरी में बीती गुरुवार रात्रि हो हुई अतिवृष्टि से नरेंद्रनगर प्रखंड के तिमली ग्राम पंचायत के दुबलियाण गांव में काफी नुकसान हुआ है। गांव में पिछले चार दिनों से विद्युत आपूर्ति भी ठप है जिस कारण ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजूर हैं। गांव को जोड़ने वाले पैदल पुल भी आपदा की भेंट चढ़ गए हैं।

अतिवृष्टि से ग्रामीणों के खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं गांव में प्रेम सिंह रावत का दो कमरों का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। गांव में गदेरे के नजदीक घरों को भी खतरा बना हुआ है जिस कारण परिवार के लोग दहशत में हैं। भय के कारण गदेरे में पास वाले घरों के लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।

ग्रामीणों के आंगन व पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सूचना पर तहसील प्रशासन व लोनिवि व अन्य विभागों के अधिकारी नुकसान का जायजा लेने के लिए गांव पहुंचे। गांव के गोपाल सिंह, होशियार सिंह, सूरत सिंह, भगवान सिंह, दयाल सिंही, सत्ये सिंह मातबर सिंह आदि के खेत भी मलबा आने से बर्बाद हो गए।

वहीं पुलिया व पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पैदल मार्ग ध्वस्त होने के कारण स्कूली बच्चों का आवागमन भी जोखिम भरा बना है।कोटद्वार में ग्रामसभा सिम्मलचौड़ में अल्दवा गांव के आसपास अतिवृष्टि के कारण गांव को दुगड्डा से जोड़ने वाला मोटर मार्ग बह गया है। साथ ही चार गांव को पेयजल उपलब्ध करवाने वाली पेयजल लाइन भी अतिवृष्टि की चपेट में आ गई।

वहीं, नजीबाबाद बुआखाल-राष्ट्रीय राजमार्ग कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य दुर्गा मंदिर के समीप भी भारी मात्रा में मलबा आ गया। मौके पर पहुंची जेसीबी ने मलबे को हटाकर हाईवे पर यातायात सुचारू करवाया।

करीब एक घंटे हुई अतिवृष्टि से दुगड्डा-अल्दवा-सिद्धपुर मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही कुरीखाल, झवाणा, सिद्धपुर, अल्दवा, झंडीडांडा गांव में पेयजल मुहैया कराने वाली पाइप लाइनें भी बह गई। ग्रामीणों के समीप पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई है।

अतिवृष्टि से ग्रामीणों की काश्त भूमि को भी नुकसान हुआ। सांसद प्रतिनिधि सुदीप बौंठियाल व ग्राम प्रधान माधुरी देवी ने शासन-प्रशासन से अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही पेयजल लाइन की मरम्मत की भी मांग की है।

इधर, भारी बारिश के कारण दुर्गा देवी के समीप पहाड़ी से आया मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्र हो गया। जिस कारण राजमार्ग पर करीब तीन घंटे यातायात ठप रहा। हालांकि, सुबह सात बजे तक राजमार्ग से मलबा हटा कर यातायात के लिए खोल दिया गया।

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