पहाड़ों पर भारी बारिश

कोटद्वार : आखिरकार वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। कोटद्वार क्षेत्र में बीते वर्ष रिवर ट्रेनिंग के नाम पर हुए खनन की भेंट सुखरो नदी का पुल चढ़ गया।

पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात हुई भारी बारिश के दौरान सुखरो नदी उफान पर आ गई। इस दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6:00 बजे सुखरो नदी पर बने पुल का एक पिलर धंसने लगा जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रुकवा दी।

बताते चलें कि बीते वर्ष कोटद्वार क्षेत्र में जहां राजस्व विभाग की ओर से सुखरो नदी में रीवर ट्रेनिग के पट्टे जारी किए गए, वहीं मालन व सुखरो नदियों में वन क्षेत्र के अंतर्गत रीवर चैनेलाइजेशन के नाम पर खनन किया गया। वन महकमे के अधिकारी वन भूमि पर धड़ल्ले से चल रहे खनन को देखकर भी अनजान बने रहे।

रिवर ट्रेनिंग के नाम पर चल रहा खनन कार्य तो बंद हो गया। लेकिन, क्षेत्र के नदियों में आज भी बदस्तूर अवैध खनन जारी है। जिस सुखरो नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां बीती रात जेसीबी मशीन लगाकर खनन किया जा रहा था।

लोक निर्माण विभाग की दुगड्डा इकाई ने इस संबंध में कई मर्तबा जिलाधिकारी व आयुक्त को पत्र भेज पुल से ओवरलोडेड डंपरों की आवाजाही रोकने व पुल के आसपास अवैध खनन पर रोक लगाने की भी मांग की। लेकिन, प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की इस अनदेखी का ही परिणाम रहा कि 2010 में जिस पुल का लोकार्पण किया गया था, वह क्षतिग्रस्त हो गया है।

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