हाईवे पर पहाड़ी गिरी, पांच भवन व दो वाहन दबे

गोपेश्वर: बदरीनाथ हाईवे पर गुरुवार को नंदप्रयाग के पास भारी भूस्खलन से 50 मीटर हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया। भूस्खलन से पांच भवन, एक ट्रक, एक कार, एनएच की जेसीबी मशीन मलबे में दबी है, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। भवनों में रह रहे लोग व राहगीरों ने भागकर जान बचाई। हाईवे के दो दिनों तक बंद रहने की संभावना जताते हुए पुलिस ने चमोली व कर्णप्रयाग से रूट पोखरी के लिए डाइवर्ट कर दिया है। हालांकि बड़े लोडेड वाहन इस मोटर मार्ग पर फिलहाल नहीं भेजे जाएंगे।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों चारधाम परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। कार्य के दौरान यहां पर नया भूस्खलन जोन उभर आया है, जिससे हाईवे बार बार बाधित हो रहा है। गुरुवार को हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान शाम 4:50 बजे अचानक इस एक बड़ी चट्टान खिसककर हाईवे को तबाह करते हुए नंदप्रयाग देबखाल मोटर मार्ग तक खिसक गई। भूस्खलन से झूलाबगड़ में पांच आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है।

मनोज कुमार पुत्र प्रेमप्रकाश, राजेंद्र कुमार पुत्र प्रेम प्रकाश का भवन पूरी तरह मलबे में दबा हुआ है। बिजेंद्र पुत्र नंदकिशोर के भवन को क्षति पहुंची है। संदीप पेंटर व ओमप्रकाश के भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। नगर पंचायत अध्यक्ष हिमानी वैष्णव ने बताया कि इन सभी नगर पालिका के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। इन भवनों में 30 से अधिक लोग रहते हैं।

यहां पर रामनगर से सीमेंट लेकर आया ट्रक व एक मारुति कार भी मलबे, बोल्डरों के नीचे दब गई। मलबा आने से पहले ही खतरे को भांपते हुए लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। भूस्खलन के दौरान झूलाबगड़ नंदप्रयाग में अफरातफरी का माहौल रहा। यहां पर ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे का 50 मीटर हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।

संभावना जताई जा रही है कि दो दिनों तक हाईवे पर आवाजाही ठप रहेगी। हाईवे भूस्खलन से जमींदोज होने के चलते प्रशासन से वाहनों की आवाजाही का रूट डाइवर्ट किया है। सड़क खुलने तक छोटे वाहन नंदप्रयाग देबखाल व कर्णप्रयाग पोखरी मोटर मार्ग से आवाजाही करेंगे। इस रूट पर बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं होगी।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने कहा कि भूस्खलन में कोई हताहत नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त भवनों को खाली कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। एनएच के अभियंता शशिकांत ने बताया कि भूस्खलन होने से पहले हाईवे पर काम कर रहे मजदूर व मशीनें हटा दी गई थी।

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