नई दिल्ली। हाल ही में अमेरिका में एक ऐसा केस सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल, अमेरिका के हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज विभाग (HHS) ने एक ऐसे केस की पुष्टि की है जिसमें इंसान न्यू वर्ल्ड स्क्रूवॉर्म (New World Screwworm) नाम के परजीवी से संक्रमित हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा तब हुआ जब मरीज एल साल्वाडोर की ट्रिप से लौटा था। बाद में सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन ने भी इस केस की पुष्टि कर दी।
ये अमेरिका में पहला ऐसा इंसानी केस है, जो किसी ऐसे देश से जुड़ा है जहां इसका प्रकोप फैला हुआ है। फिलहाल अमेरिका में आम लोगों के लिए इसका खतरा बहुत कम माना जा रहा है। अब आप साेच रहे होंगे कि न्यू वर्ल्ड स्क्रूवॉर्म क्या है? कैसे इंसान इसकी चपेट में आता है और इसके लक्षण कैसे होते हैं? हम आपको इन सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से –
न्यू वर्ल्ड स्क्रूवॉर्म (NWS) संक्रमण तब होता है जब कोक्लिओमिया होमिनिवोरैक्स (Cochliomyia hominivorax) नाम की मक्खी के लार्वा (कीड़े/मक्खी के बच्चे) किसी गर्म खून वाले जानवर के शरीर या मांस के अंदर घुस जाते हैं। जिन इलाकों में ये मक्खियां पाई जाती हैं, वहां इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। ये मक्खियां खासकर खुले जख्मों पर अंडे देती हैं। ये ज्यादातर दक्षिण अमेरिका और कैरिबियन देशों में पाई जाती है। जिन लोगों के खुले घाव हों, बाहर सोते हों, पशुओं के पास समय बिताते हों, या इन देशों की यात्रा करते हों, उन लोगों को इसका ज्यादा खतरा होता है।
NWS का संक्रमण बहुत दर्दनाक होता है। अगर ये हो जाए तो खुले जख्म में या उसके आस-पास कीड़े (larvae/maggots) दिखाई दे सकते हैं। ये कभी-कभी नाक, आंखों या मुंह में भी पाए जा सकते हैं। अगर आपने हाल ही में सेंट्रल या साउथ अमेरिका या कैरिबियन देशों की यात्रा की है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं।
अगर आप ऐसे इलाकों में जाते हैं जहां ये मक्खियां पाई जाती हैं और आपके शरीर पर कोई खुला घाव है (जैसे खरोंच, कट, कीड़े का काटना, या हाल ही की सर्जरी का निशान) तो आप इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलाव अगर आपकी इम्युनिटी कमजोर है तो भी आपकाे बचकर रहने की सलाह दी जाती है। आपको ऐसी बीमारी है जिससे खून बहना या घाव होना संभव है तो ऐसे जगहों पर जाने से बचें। आप बाहर सोते हैं, तो भी ये संक्रमण फैलने का खतरा हाे सकता है।
आपको बता दें कि ये संक्रमण तब शुरू होता है जब मादा screwworm मक्खी किसी खुले जख्म या शरीर के किसी हिस्से पर अंडे देती है। ये ज्यादातर पशुओं को प्रभावित करता है, लेकिन पक्षी और इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। मक्खियां खासकर ऐसे घावों की तरफ आकर्षित होती हैं जिनसे गंध आती है। जैसे नाक, मुंह, आंख, नवजात जानवर की नाभि। यहां तक कि एक छोटे से कीड़े के काटने का घाव भी अंडे देने के लिए पर्याप्त होता है।
एक मादा मक्खी एक बार में 200 से 300 अंडे देती है और अपनी 10 से 30 दिन की जिंदगी में लगभग 3,000 अंडे तक दे सकती है। अंडों से निकलने वाले कीड़े जख्म के अंदर घुसकर मांस को खाना शुरू कर देते हैं। खाने के बाद ये जमीन में गिरकर मिट्टी में चले जाते हैं और बाद में मक्खी बनकर निकलते हैं।
तना हो सके अंदर या जाली लगे कमरे में सोएं।