बरसाना की लठामार होली में लाठियों से बरसा प्रेम

मथुरा :बरसाना में लठामार होली का उल्लास छाया हुआ है। गलियों में जमकर अबीर-गुलाल उड़ रहा है। रसिया गीतों से गलियां गूंज उठी हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु राधा रानी के जयकारों के बीच होली उत्सव का आनंद ले रहे हैं।राधारानी की नगरी बरसाना की रंगीली गली में रंगीली होली शुरू होते ही भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम दिखाई देने लगा। हुरियारिनों के हाथों में सजे लठ और हुरियारों की ढालों के बीच परंपरागत लठामार होली का अलौकिक दृश्य सामने आया तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उड़ते गुलाल, गूंजते राधे राधे के जयघोष और लठ ढाल के बीच सजी रंगीली होली के दर्शन कर श्रद्धालु खुद को धन्य मानते नजर आए।

दूर दराज से पहुंचे भक्त इस दिव्य परंपरा को निहारते हुए राधारानी के जयकारे लगाते रहे और कई श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति भाव साफ झलकता दिखाई दिया। रंगीली गली में उमड़े श्रद्धालु रंग और भक्ति के इस अद्भुत संगम में डूबे नजर आए। कोई गुलाल अर्पित कर रहा है तो कोई हाथ जोड़कर राधारानी से मनोकामना मांग रहा है, जबकि कई श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण को जीवन का सौभाग्य बताते दिखाई दिए।

मथुरा के बरसाना में लठामार होली का उल्लास छाया हुआ है। नंदगांव के हुरियारों का बरसाना की रंगीली गली पहुंचते ही भव्य स्वागत किया गया। हेलीकाॅप्टर से फूलों की बारिश हुई। इसके बाद हुरियारिनों ने लाठियों से प्रेम बरसाया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अद्भुत और अलाैकिक दृश्य के साक्षी बने।

लठामार होली के उल्लास के बीच रंगीली गली पहुंचे नंदगांव के हुरियारों का इस बार अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। आसमान से बरसी गुलाब की पंखुड़ियों ने पूरे माहौल को भक्तिरस और उल्लास से सराबोर कर दिया। हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और चारों ओर जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। जैसे ही नंदगांव के हुरियारे रंगीली गली पहुंचे, उसी समय आकाश से गुलाब की पंखुड़ियां बरसने लगीं।

श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत दृश्य को उत्साह के साथ देखा और पंखुड़ियों की वर्षा के बीच हुरियारे आगे बढ़ते रहे। पूरा वातावरण राधे-राधे के जयघोष और होली के रसिया से गूंज उठा।हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा ने लठामार होली के उल्लास को और भी भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं ने इसे राधारानी की कृपा का प्रतीक मानते हुए इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

विश्व प्रसिद्ध लठामार होली की अलौकिक झलक पाने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को इस बार प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच भारी परेशानियों से गुजरना पड़ा। दूर दराज पार्किंग स्थलों से पैदल चलकर मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाले श्रद्धालु जगह जगह बनाए गए बैरियरों पर रोक टोक से जूझते नजर आए। आस्था के साथ पहुंचे भक्त प्रशासन की सख्ती में जकड़े दिखाई दिए और कई स्थानों पर भक्तों तथा पुलिस के बीच नोकझोंक के दृश्य भी सामने आए।

मेला क्षेत्र में बने तमाम बैरियरों पर श्रद्धालु पुलिस से आगे जाने की अनुमति मांगते दिखे। कभी इस नाके पर तो कभी उस नाके पर भक्त मिन्नत करते रहे, लेकिन पुलिस ने सख्ती बनाए रखी। कई जगह श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच कहासुनी और नोकझोंक भी देखने को मिली। दर्शन की जल्दी और बार बार रोक टोक के कारण श्रद्धालु परेशान नजर आए। दूरस्थ पार्किंग स्थलों से पैदल चलकर आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ पहुंचे श्रद्धालु थकान के बावजूद आगे बढ़ते रहे, लेकिन बैरियरों पर बार बार रोके जाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। लठामार होली की एक झलक पाने की चाह में पहुंचे भक्त मेला क्षेत्र में कभी किसी नाके पर तो कभी किसी बैरियर पर पुलिस से अनुरोध करते दिखे, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के चलते राहत नहीं मिली। राधारानी की होली देखने आए श्रद्धालु जहां भक्ति में डूबे रहे, वहीं व्यवस्थाओं से जूझते भी नजर आए।

मथुरा के बरसाना में लठामार होली की परंपरा निभाने नंदगांव से आए हुरियारे प्रिया कुंड पहुंच गए हैं। जहां उनकी आगोनी को बरसाना की चौपई जा रही है। गोस्वामी समाज के साथ अन्य समाज की चौपई भी प्रिया कुंड पहुंचकर नंदगांव के हुरियारों की आगवानी करेगी और भांग ठंडाई के साथ उनका स्वागत सत्कार किया जाएगा। लठामार होली की परंपरा के अनुसार नंदगांव के हुरियारे बरसाना पहुंचने से पहले प्रिया कुंड पर ठहरते हैं, जहां विभिन्न समाजों की चौपई पहुंचकर पारंपरिक रीति से उनका स्वागत सत्कार करती है।

चौपाइयों और होरी गायन की गूंज के बीच हुरियारों का सम्मान होगा और भांग ठंडाई प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी। इसके बाद हुरियारे मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे और मंदिर में दर्शन करने के उपरांत रंगीली गली की ओर बढ़ेंगे, जहां लठामार होली का मुख्य आयोजन होगा। प्रिया कुंड पर चौपाइयों की गूंज के साथ आगोनी की परंपरा जीवंत हो उठी है और श्रद्धालुओं की भीड़ इस परंपरागत दृश्य की साक्षी बन रही है।

लठामार होली की खुमारी में बरसाना पूरी तरह डूब गया है। कस्बे की गलियों में इस समय श्रद्धालु नाच गाकर होली का उल्लास मना रहे हैं। हर तरफ होली के रसिया गूंज रहे हैं और राधा रानी के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।दूर-दराज से आए श्रद्धालु टोलियां बनाकर गलियों में घूम रहे हैं। कोई ढोल की थाप पर नृत्य कर रहा है तो कोई एक दूसरे पर रंग और गुलाल डाल रहा है। श्रद्धालु झूमते हुए होली के गीत गा रहे हैं और पूरा बरसाना रंग में सराबोर नजर आ रहा है।

परिक्रमा मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त परिक्रमा करते हुए गुलाल बरसा रहे हैं और होली के रसिया गाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हर गली रंगों से लाल नजर आ रही है और माहौल पूरी तरह होलीमय बना हुआ है।लठामार होली से पहले बरसाना में उमड़ा यह रंग और उल्लास श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर रहा है। बरसाना की गलियों से लगातार होली के रसिया और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।

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