ओटावा: भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील ने उन देशों को बड़ी उम्मीद दी है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ हमले का सामना कर रहे हैं। अब कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉगसन ने भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की जमकर तारीफ की है।
हॉगसन ने कहा कि यह समझौता उस दादागिरी को खारिज करने का परफेक्ट उदाहरण है जो टैरिफ को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। मंगलवार को गोवा में इंडिया एनर्जी वीक में बोलते हुए कनाडाई मंत्री ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ समझौता दिखाता है कि अर्थव्यवस्थाएं बहुपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करके और सप्लाई चेन में विविधता लाकर कैसे संरक्षणवाद का जवाब दे सकती हैं।
कनाडाई मंत्री ने एनर्जी वीक में कहा कि आपने अभी-अभी यूरोपीय संघ के मदर ऑफ ऑल डील्स पर साइन करके जो किया, यह दिखाने का बेहतरीन उदाहरण था कि हम फ्री ट्रेड और भरोसेमंद रिश्तों में विश्वास करते हैं। इस दौरान कनाडाई मंत्री ने कहा कि उनका देश अपने कस्टमर बेस को बढ़ाने और अमेरिका को सप्लाई पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को ऊर्जा निर्यात बढ़ाना चाहता है।
इंडिया एनर्जी वीक में बोलते हुए हॉगसन ने कहा कि ‘आज दुनिया में जो रहा है वह धीरे-धीरे होने वाला आर्थिक बदलाव नहीं है। यह एक बड़ा बदलाव है।’ अमेरिका या राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ‘दुनिया की बड़ी ताकतों ने तय कर लिया है कि नियम आधारित व्यवस्था अब उस तरह से काम नहीं करेगी।’ उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत का ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करना फ्री ट्रेड और भरोसेमंद पार्टनरशिप के पक्ष में मजबूत संदेश है।
कनाडाई मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ओटावा नई दिल्ली के साथ ऊर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स के व्यापार को गहरा करना चाहता है। 27 फरवरी को हॉगसन ने भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी, जहां दोनों पक्ष हाइड्रोकार्बन और क्लीन एनर्जी में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए थे।
हॉगसन ने इस दौरान कहा, ‘कनाडा पहले अपनी लगभग सारी एनर्जी एक ही ग्राहक को देता था। हम अपनी सप्लाई में में विविधता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें भारत के साथ काम करने का बड़ा मौका दिख रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा जरूरी खनिज की सप्लाई करके भारत के एनर्जी ट्रांजिशन को मदद कर सकता है।

