नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने एआई और तकनीकी विकास पर बात की। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के लिए कहा कि परीक्षा के समय मन में शंका आना स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी ने यह अनुभव किया है और छात्र अकेले नहीं हैं। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि किसी का मूल्य उसकी मार्कशीट से तय नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि जो पढ़ा है, उसे आत्मविश्वास के साथ लिखें और एक कठिन सवाल को मन पर हावी न होने दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो नेता समाज के कल्याण के लिए काम करते हैं, वे हमेशा जनता के दिलों में बसे रहते हैं। उन्होंने अम्मा जयललिता को ऐसी ही लोकप्रिय नेता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि उनके नाम से ही तमिलनाडु के लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई सराहनीय कदम उठाए। प्रधानमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुनावाया में भारतप्पुझा नदी के किनारे सदियों पुरानी मामंगम परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि संस्कृति और स्मृति का जागरण है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन करीब ढाई सौ वर्षों तक अपनी भव्यता में नहीं हो पाया था, लेकिन अब देश अपनी विरासत को फिर से पहचान रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ हो या केरला कुम्भ, नदियां अलग हो सकती हैं, लेकिन आस्था की धारा एक है, यही भारत की ताकत है।
पीएम मोदी ने ओडिशा के हिरोद पटेल नाम के युवा किसान की कहानी आज ग्रामीण नवाचार का उदाहरण बन रही है। करीब आठ साल पहले तक वह अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। लेकिन उन्होंने खेती को नए नजरिये से देखने का फैसला किया और जमीन के बेहतर उपयोग पर काम शुरू किया। हिरोद ने अपने खेत में मौजूद तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा तैयार किया। इस ढांचे पर उन्होंने बेल वाली सब्जियां उगाईं। तालाब के चारों ओर केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए। साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया। अब एक ही जगह धान की खेती, सब्जी उत्पादन, फल और मछली पालन हो रहा है। इससे जमीन और पानी का बेहतर उपयोग हुआ है। परिवार की आमदनी भी बढ़ी है और जोखिम कम हुआ है। हिरोद की यह बहु-स्तरीय खेती आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब बैंक से केवाईसी अपडेट या री-केवाईसी कराने का संदेश आता है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि पहले ही केवाईसी करा चुके हैं तो दोबारा क्यों। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे संदेशों पर झुंझलाएं नहीं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया ग्राहकों के पैसे और बैंक खातों की सुरक्षा के लिए होती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी इस दौरान केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम की भी बात कही। उन्होंने बताया कि असमय मृत्यु ने सभी को भावुक कर दिया है। इतनी कम उम्र में उसका जीवन खत्म हो जाना परिवार के लिए गहरा आघात है। उसके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। एक मासूम बच्ची, जिसके आगे पूरा जीवन पड़ा था, अचानक इस दुनिया से चली गई। लेकिन इस गहरे दुख के बीच उसके माता-पिता ने जो फैसला लिया, उसने पूरे देश का दिल छू लिया। उन्होंने आलिन के अंग दान करने का निर्णय किया। यह कदम न सिर्फ साहस का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। इस निर्णय से कई जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है। उनके इस मानवीय कदम की हर ओर सराहना हो रही है।
पीएम ने आगे कहा कि टी20 विश्व कप में सिर्फ कनाडा ही नहीं, बल्कि अमेरिका और ओमान की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों का प्रभाव साफ दिख रहा है। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीमों के लिए खेल चुके हैं। मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह और दिल्ली के मिलिंद कुमार भी अमेरिकी टीम की शान हैं। ओमान की टीम में भी जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करण, जय और आशीष जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में क्रिकेट खेला है। न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। ये खिलाड़ी अपने-अपने देशों के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और वैश्विक क्रिकेट में भारतीय प्रतिभा की पहचान मजबूत कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने इस दौरान टी20 विश्व कप के खिलाड़ियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस बार भारतीय मूल के खिलाड़ियों का खासा दबदबा देखने को मिल रहा है। कई देशों की टीमों में भारतीय जड़ों से जुड़े खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से नई पहचान बना रहे हैं। खास तौर पर कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा है। कनाडा टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। वहीं नवनीत ढालीवाल चंडीगढ़ से जुड़े हैं। इसके अलावा हर्ष ठाककर और श्रेयस मोवा जैसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। ये खिलाड़ी अपने खेल से कनाडा के साथ-साथ भारत का भी नाम रोशन कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मेहनत और अनुभव इन टीमों को मजबूती दे रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में दो भारतीय उत्पादों ने विश्व नेताओं को खास तौर पर प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर प्रदर्शित किया गया, जहां बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पशुओं के इलाज को बेहतर बनाया जा रहा है। एआई के जरिए किसान 24 घंटे अपनी डेयरी और पशुओं का रिकॉर्ड रख सकते हैं। इससे दूध उत्पादन, स्वास्थ्य निगरानी और प्रबंधन में बड़ी सुविधा मिल रही है।
दूसरा उत्पाद भारत की संस्कृति से जुड़ा था। इसमें दिखाया गया कि एआई तकनीक के माध्यम से प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखा जा रहा है। साथ ही उन्हें डिजिटल रूप में नई पीढ़ी के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस पहल को देखकर कई देशों के प्रतिनिधि आश्चर्यचकित रह गए और भारत की तकनीकी व सांस्कृतिक पहल की सराहना की।
मन की बात के 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशुओं के इलाज और किसानों की मदद में भी काम आ रहा है। उन्होंने बताया कि एआई समिट के दौरान उन्होंने विश्व नेताओं और टेक कंपनियों के प्रमुखों को प्रदर्शनी में दिखाया कि किस तरह एआई के जरिए पशुओं की बीमारियों की पहचान की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब किसान 24×7 एआई सहायता से अपनी डेयरी और पशुधन की निगरानी कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन और देखभाल दोनों बेहतर हो रहे हैं।

