तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को धमकी दी कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे और बंदरगाहों पर हमला हुआ, तो वह इस क्षेत्र के तेल और गैस को आग के हवाले कर देगा। इसने कहा कि देश के ऊर्जा ढांचे या बंदरगाहों पर जरा सा भी हमला होने पर उसका करारा और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा। IRGC के बयान को ईरान के सरकारी टीवी IRIB ने भी जारी किया है। वहीं, ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने कहा है कि वे अमेरिका को पछताने पर मजबूर कर देंगे।
IRGC ने कहा कि इस तरह के हमले की स्थिति में इस क्षेत्र के तेल और गैस से जुड़े सभी इंफ्रास्ट्रक्चर, जिनमें अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों का सीधा हित जुड़ा है, आग के हवाले कर दिया जाएगा और नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिका और इजरायल के अभियान के जवाब में ईरान खाड़ी देशों में मिसाइलों और ड्रोन की मदद से लगातार हमले कर रहा है।
ईरानी फोर्स होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों को निशाना बना रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुनिया के कच्चे तेल का पांचवां हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने ईरान के भीतर 5500 से भी ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं।
IRGC की ताजा धमकी तेहरान के तेल डिपो पर इजरायली सेना के हमले के बाद आई है। शनिवार को IDF के हमले के कारण इलाके में भीषण आग लग गई और कई दिनों तक ईरानी राजधानी धुएं की चपेट में रही। IDF ने कहा था कि इस हमले का निशाना वे ठिकाने थे, जिनका इस्तेमाल ईरान की सेना और IRGC करती थी। इजरायली सेना ने बताया था कि हमले आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर नहीं थे।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली जारी लारीजानी ने ट्रंप को सीधी धमकी दी है। लारीजानी ने X पर लिखा, ‘हालांकि, युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन इसे कुछ ट्वीट से नहीं जीता जा सकता है। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक आपको पछताने पर मजबूर नहीं कर देते।’ इस बीच IRGC की खुफिया एजेंसी ने पूरे क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे 11000 अमेरिकी सैनिकों की जानकारी देने की अपील की है, जो होटलों और निजी आवासों में रह रहे हैं। ईरान की तस्नीम न्यूज ने इस बारे में जानकारी दी है।
अपील में कहा गया है कि हम अमेरिकियों की पहचान करने और उन्हें निशाना बनाने के लिए मजबूर हैं। बेहतर है कि उन्हें होटलों में पनाह न दी जाए और उनके ठिकानों से दूर रहा गया है। इसमें आगे कहा गया कि अमेरिकी आतंकवादियों के छिपने की जगहों की सटीक जानकारी देना ‘आपका इस्लामी फर्ज’ है।
