तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान शांति के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए तीन शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई यहूदी शासन और अमेरिका की वजह से शुरू हुए थी और यह तभी खत्म हो सकती है जब ईरान के अधिकारों को मान्यता दी जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पेजेश्कियान ने कहा कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात की है और इस इलाके में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने आगे कहा कि इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए इंटरनेशनल गारंटी साबित होनी चाहिए।
रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान के वादे को फिर से पुष्ट किया है। जायोनी शासन और अमेरिका की वजह से शुरू हुई इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को पहचानना, हर्जाना देना और भविष्य में हमलों के खिलाफ पक्की इंटरनेशनल गारंटी देना है।
मसूद पेजेश्कियान, राष्ट्रपति, ईरान
ईरानी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है जब लड़ाई रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। रूस ईरानी नेतृत्व के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए है और दुश्मनी खत्म करने की अपील कर रहा है। इस बीच पेजेश्कियान ने जंग रोकने के लिए शर्त रखकर बता दिया है कि ईरान युद्ध रोकने को तैयार है लेकिन अमेरिका और इजरायल के सामने झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि ईरान इतनी मजबूती के साथ कैसे बात कर रहा है।
