कांग्रेस के वादों का पिटारा,न्यूनतम आय योजना और किसान बजट समेत किए 5 बड़े वादे

कांग्रेस ने सत्ता में आने पर 20 फीसदी गरीबों के लिए ‘न्यूनतम आय योजना’ शुरू करने का वादा किया है
22 लाख सरकारी नौकरियों, ग्राम पंचायत में 10 लाख नौकरियों और अलग किसान बजट का किया ऐलान
3 साल तक युवाओं को कारोबार करने के लिए किसी से भी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है
मनरेगा में 100 की बजाय अब 150 दिनों के रोजगार की गारंटी का वादा, जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर होगा खर्च

  1. हर साल गरीब तबके के 20 फीसदी लोगों के खाते में 72,000 रुपये डाले जाएंगे। कांग्रेस ने इस स्कीम के लिए ‘गरीबी पर वार, हर साल 72 हजार’ का नारा दिया है।
  2. 22 लाख सरकारी नौकरियों का वादा कांग्रेस ने किया है। 10 लाख लोगों को ग्राम पंचायतों में रोजगार देने का वादा किया गया है। 3 साल तक युवाओं को कारोबार करने के लिए किसी से भी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
  3. मनरेगा में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का ऐलान।
  4. किसानों के लिए अलग से बजट जारी करने का ऐलान। किसानों का कर्ज न चुका पाना अपराध के दायरे से बाहर होगा।
  5. जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम समेत टॉप संस्थानों तक गरीबों की पहुंच को आसान करने का वादा।

नई दिल्ली:कांग्रेस ने आम चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस ने ‘हम निभाएंगे’ के वादे के साथ न्यूनतम आय योजना, रोजगार सृजन और किसानों के लिए अलग बजट समेत 5 बड़े ऐलान किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेनिफेस्टो जारी करते हुए सत्ता में आने पर 20 फीसदी गरीबों के लिए ‘न्यूनतम आय योजना’ शुरू करने का वादा किया। इसके तहत गरीब तबके के लोगों को प्रति माह 6,000 रुपये दिए जाएंगे। पार्टी ने अपने इस घोषणापत्र को ‘जन आवाज’ नाम दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमने अपने चुनाव चिन्ह हाथ की थीम को ध्यान में रखते हुए 5 बड़े वादों को इसमें शामिल किया है।ेश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस मिशन 2019 में जीत हासिल करने के लिए आज अपना घोषणापत्र जारी करेगी. राहुल गांधी कई बार अपने विजन को देश के सामने रख चुके हैं, जो गेमचेंजर साबित हो सकती हैं.


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणापत्र जारी करेंगे. इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूद रहेंगे. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है और लगातार चुनाव जीतने का दावा कर रही है. ऐसे में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस दांव चल सकती है और वह चुनाव के लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं. राहुल गांधी लगातार अपने भाषणों और ट्वीट्स में अपने एजेंडे को देश के सामने रखते रहे हैं, आज जारी होने वाले घोषणापत्र में इसकी झलक भी दिख सकती है.

कांग्रेस की न्याय योजना इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है. राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था, जिसके तहत देश के 20 फीसदी गरीब लोगों को सालाना 72000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. राहुल के मुताबिक, उनका लक्ष्य आम आदमी की न्यूनतम आय 12000 रुपये मासिक तक करने का है. इस योजना के ऐलान के बाद से ये चर्चा में बनी हुई है.

राहुल गांधी ने हाल ही में ट्वीट कर ऐलान किया था कि उनकी सरकार बनेगी तो केंद्र में खाली पड़े 22 लाख पदों पर भर्तियां चालू करेंगे. राहुल गांधी ने इसके लिए 30 मार्च 2020 का लक्ष्य भी रखा है. गौरतलब है कि इन दिनों रोजगार के मुद्दे पर पहले ही केंद्र सरकार बैकफुट पर है और राहुल भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं.

युवा वोटरों को रिझाने के लिए राहुल गांधी ने स्टार्टअप के प्लान को आगे रखा था. उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि अगर आपके (युवाओं) पास कोई आइडिया है, तो आप उस पर काम शुरू कीजिए ना कोई एंजेल टैक्स लगेगा और ना ही कोई रेड टेप का झंझट. इस बार करीब 1 करोड़ से अधिक वोटर ऐसे हैं जो पहली बार वोट डाल रहे हैं, ऐसे में युवा शक्ति के लिए राहुल का प्लान मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है.

आधी आबादी का हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व लागू करने के लिए कांग्रेस कई वर्षों से महिला आरक्षण बिल की बात कर रही है, लेकिन ये पास नहीं हो सका है. अब राहुल गांधी चुनाव से पहले एक बार फिर इस मुद्दे पर आगे बढ़ते दिख रहे हैं, साफ है कि महिला वोटरों को लुभाने के लिए कांग्रेस घोषणापत्र में इसका ऐलान कर सकती है. खास बात ये भी है कि न्याय योजना के तहत जो पैसा गरीब के खाते में जाएगा वह भी महिला का खाता ही होगा.

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