केदारनाथ धाम: ध्‍यान गुफा में साधना कर रहे हैं पीएम मोदी

दो किमी चलकर गुफा तक पहुंचे और कल सुबह तक करेंगे ध्यान साधना
केदारनाथ
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान उन्‍होंने अभिषेक के साथ पूजा-अर्चना की। साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। सेफ हाउस में विश्राम के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारिश के बीच पैदल चलकर ध्यान गुफा पहुंचे।

ध्‍यान गुफा में पीएम मोदी साधना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे रात्रि विश्राम भी इसी गुफा में करेंगे। मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित यह गुफा पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी है। पिछले वर्ष ही साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है।

प्रधानमंत्री शनिवार सुबह नौ बजकर 37 मिनट पर केदारनाथ धाम पहुंचे, दस बजकर सात मिनट पर उन्‍होंने पूजा अर्चना शुरू की। करीब 17 मिनट तक पीएम मोदी ने पूजा की। पुरोहितों ने मोदी को अंगवस्त्र भेंट किया। मोदी ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी हुई थी।

कमर में गमछा बंधा था, हाथ में छड़ी थी। इसके बाद उन्‍होंने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद वहां मौजूद तीर्थयात्रियों और स्‍थानीय लोगों का पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्‍वीकार किया।

परिक्रमा के बाद पीएम को मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शाल ओढ़ाया। इस मौके पर स्‍मृति चिह्न भी भेंट भी किया। इसके बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर के समीप चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों से संबंधित नक्‍शों का अवलोकन भी किया। करीब एक घंटे तक केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पीएम मोदी विश्राम के लिए मंदिर के पास सेफ हाउस पहुंचे। यहां कुछ देर विश्राम करेंगे।

बाबा केदार को प्रधानमंत्री ने करीब सवा क्विंटल पीतल का घंटा भी अर्पित किया। दोपहर में मोदी केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। इससे पूर्व मोदी का देहरादून एयरपोर्ट में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वागत किया। रविवार को भगवान बदरी विशाल के दर्शन प्रधानमंत्री करेंगे।पीएम नरेंद्र मोदी ने गढ़वाली पोशाक पहनी हुई है। साथ ही सिर पर हिमाचली टोपी लगाए हुए हैं। पीएम मोदी ने कमर भगवा गमछा बांधा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कि‍या। उन्‍होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। रात्रि विश्राम भी वह केदारनाथ में कर सकते हैं। अगले दिन रविवार को वह बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीनारायण के दर्शन करेंगे और दोपहर बाद दिल्ली लौट जाएंगे।

उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का खास लगाव है और केदारनाथधाम के प्रति उनकी अगाध आस्था है। एक दौर में नमो ने केदारनाथ के नजदीक ही गरुड़चट्टी में साधना की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अक्सर केदारनाथ आते रहे हैं।

केदारपुरी का पुनर्निर्माण उनके ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल है। वह खुद इसकी मॉनीटरिंग करते आए हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि 2013 की आपदा में तबाह हुई केदारपुरी अब नए कलेवर में निखर चुकी है। पिछली बार केदारनाथधाम के कपाट खुलने व बंद होने के अवसर पर वह मौजूद रहे थे।

इस मर्तबा लोकसभा चुनाव की आपाधापी के कारण वह केदारनाथ नहीं पहुंच पाए थे, मगर माना जा रहा था कि चुनाव से निबटने के बाद वह केदारनाथ आएंगे। पिछले कुछ दिनों से उनकी उत्तराखंड यात्रा को लेकर मशीनरी सक्रिय थी और अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बीते तीन दिनों में एसपीजी के साथ ही उत्तराखंड के आला अधिकारियों ने केदारनाथ और बदरीनाथ में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री रात्रि विश्राम केदारनाथ में कर सकते हैं। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो गौचर को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि 19 मई को प्रधानमंत्री बदरीनाथ जाएंगे। वहां दर्शन करने के बाद वह पहले जौलीग्रांट पहुंचेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर केदारपुरी में एसपीजी ने मोर्चा संभाल लिया है। केदारपुरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शुक्रवार को एसपीजी के अधिकारियों ने केदारनाथ में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मोदी इससे पहले 3 मई 2017, 20 अक्‍टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को केदारनाथ आ चूके हैं।

चौथी बार केदारनाथ पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा गया था। जिससे पीएम की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई चूक न रह जाए, इसके लिए कार्यक्रम से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। डीएम व एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह से केदारनाथ में डेरा जमाए हुए हैं।

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उदय दिनमान’ एक वैचारिक आंदोलन भी है। इस आंदोलन का सरोकार आर्थिकी, राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास व विकास से है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो यह क्षेत्र सदियों से न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र रहा है, बल्कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता-संस्कृति का उद्गम स्थल भी समझा जाता रहा है। आधुनिक समय में विकास की अवधारणा के जन्म लेने के साथ हिमालयी समाज-संस्कृति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये चुनौतियां हमारी संस्कृति पर निरंतर प्रहार कर इसे गहरा आघात पहुॅचाने में तुली हुई है। हालांकि, सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक आदि कष्टों के बावजूद यह संस्कृति अपने ताने-बाने से छिन्न-भिन्न नहीं हो सकी है। मगर निरंतर जारी प्रहारों से एकबारगी चितिंत होना स्वाभाविक है। ‘उदय दिनमान’ का प्रयास है कि राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास, विकास व आर्थिकी पर निरंतर हो रहे आघातों से जनमानस को सजग रखने का प्रयास किया जाए। यह कहकर हम कोई बड़ा दंभ नहीं भर रहे हैं। यह हमारा मात्र एक लघु प्रयास भर है। हमारी अपेक्षा व आकांक्षा है कि हमारे इस प्रयास में आपकी भागीदारी ही नहीं सुनिश्चित हो, बल्कि आपके विस्तृत अनुभवों, विचारों, सुझावों व गतिविधियों का लाभ ‘उदय दिनमान’ के द्वारा व्यापक जनमानस तक पहुंचे। उक्त क्रम में ‘उदय दिनमान’ के प्रयासों को बल प्रदान करने के निमित आप अपने अनुभवों, सुझावों व विचारों को लेख अथवा यात्रावृत्त, संस्मरण, रिर्पोट, कथा-कहानी, कविता, रेखाचित्र, फोटो आदि के रूप में प्रेषित करने का कष्ट करें। संपर्क करें। https://www.udaydinmaan.com/ संतोष बेंजवाल संपादक कन्हैया विहार, निकट कारगी चैक, देहरादून (उत्तराखंड) udaydinmaan@gmail.com Phone:0135-3576257 Mob:+91.9897094986 Email: udaydinmaan@gmail.com