केदारनाथ: श्रद्धालु अब सभा मंडप से भी कर पाएंगे स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन

देहरादून। केदारनाथ में भोले बाबा के दर्शनों को आ रहे भक्त को अब मायूस नहीं होना पड़ेगा। प्रशासन ने सभामंडल से केदार बाबा के दर्शन करने की अनुमति दे दी गई। बुधवार को यात्रियों ने सभा मंडल से भोले बाबा के दर्शन किए। अभी तक श्रद्धालु सिर्फ मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर रहे थे।

केदारनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से प्रशासन ने देवस्थानम बोर्ड की सहमति पर मंदिर के अंदर दर्शनों पर रोक लगा दी थी, भक्त मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर लौट रहे थे, जिससे यात्रियों में काफी मायूसी के साथ ही रोष भी था। अब देवस्थानम बोर्ड से मंदिर के अंदर भक्तों के दर्शन पर रोक हटाने के बाद प्रशासन ने बोर्ड की सहमति पर भक्त मंदिर के अंदर सभा मंडल से भोले बाबा के स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे।

हालांकि, अभी गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं है। दर्शन के दौरान भक्त मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करते हुए दक्षिण द्वार से बाहर भेजा जा रहा है। यात्रियों से मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने की अपील की जा रही है, जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। डीएम वंदना सिंह ने बताया कि बुधवार को देवस्थान बोर्ड को धाम में यात्रा के वर्तमान हालातों से अवगत कराया गया।

उन्होंने तीर्थपुरोहितों से भी काफी देर तक वार्ता की, जिसके बाद बोर्ड ने केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सभामंडप से दर्शन करने की अनुमति दी गई। जिलाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस द्वारा उचित व्यवस्था के साथ सभामंडप से दर्शन की व्यवस्था शुरू कर दी गई। पुलिस द्वारा मंदिर परिसर से एक-एक श्रद्धालु को मंदिर परिसर स्थित नंदी भगवान की मूर्ति के समीप उत्तर द्वार से सभामंडप में भेजा जा रहा है।

यहां पर श्रद्धालु बाबा के स्यंभूलिंग के दर्शन कर दक्षिण द्वार से बाहर आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह व्यवस्था की गई है। कहा कि व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सभी इंतजाम पूरे किए गए हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से आए 57 हजार से ज्यादा श्रद्धालु अब तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में दर्शन कर चुके हैं। ऐसे में राज्य में ठप पड़ी तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन कोरोना की चुनौती अपनी जगह बरकरार है।

हालांकि, कोरोना से बचाव के मद्देनजर चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से सभी ऐहतियाती व्यवस्थाओं का दावा है, लेकिन कोरोना के बिना लक्षणों वाले (एसिम्टोमैटिक) व्यक्तियों की पहचान बड़ी चुनौती होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *