नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार देर रात एबीवीपी और लेफ्ट समर्थकों में मारपीट के बाद जबरदस्त हंगामा हुआ। दोनों पक्षों की ओर से काफी देर तक पत्थरबाजी भी हुई। घंटों तक इस हंगामें में कई छात्रों के घायल होने की भी सूचना है। वहीं एबीवीपी ने इस घटना पर लेफ्ट पर आरोप लगाते हुए कहा है, यह पहले से ही प्री-प्लान्ड था।
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात वीसी के इस्तीफे की मांग को लेकर यूनियन मशाल जुलूस निकाल रही थी। उसी समय लेफ्ट और एबीवीपी समर्थकों में झड़प हो गई, देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में यह झड़प मारपीट और पत्थरबाजी की घटना में तब्दील हो गई। पत्थरबाजी में कई छात्र घायल भी बताए जा रहे हैं।
ABVP ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कैंपस में शांतिपूर्वक पढ़ाई कर रहे आम छात्रों को वामपंथी गुटों ने घेर लिया और उन पर हमला किया। कुछ छात्रों को सुरक्षा के लिए खुद को अंदर बंद करना पड़ा। यह छात्र राजनीति नहीं, बल्कि सुनियोजित हिंसा है। कैंपस वैचारिक धमकियों का मैदान नहीं बन सकते। हम छात्रों के लिए तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग करते हैं।
जेएनयू मीडिया कन्वीनर, एबीवीपी, विजय जायसवाल ने कहा, ‘ये लेफ्ट-विंग के लोग जो 7 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे थे, आज उन्होंने एबीवीपी वर्कर्स और स्टूडेंट्स को टारगेट किया। करीब चार घंटे तक लेफ्ट के लोगों ने छात्रों को बंधक बनाकर रखा। करीब 400-500 लोगों ने मॉब लिंचिंग की। दिल्ली पुलिस और JNU सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। यह प्री-प्लान्ड था। ये नकाबपोश लोग थे। हम मांग करते हैं कि JNU एडमिनिस्ट्रेशन इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ एक्शन ले।’
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में लेफ्ट-विंग ग्रुप्स और ABVP समर्थकों के बीच हुई कथित झड़प पर JNUSU जॉइंट सेक्रेटरी, वैभव मीणा ने कहा, ‘लेफ्ट विंग की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से यहां चल रही है। जिस तरह का आतंक उन्होंने रात भर फैलाया है, वे स्कूलों में गए और 300-400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने स्टूडेंट्स को स्टडी रूम से भगा दिया। विजय को 100-150 लोगों की भीड़ ने मारा है। दिल्ली पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम इसकी निंदा करते हैं।
