11 साल के बच्चे को तेंदुए ने बनाया निवाला

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के जागेश्वर क्षेत्र के क्वैराली गांव में बृहस्पतिवार की देर शाम तेंदुए ने 11 साल के मासूम को निवाला बना दिया। वह तीसरी कक्षा में पढ़ता था। जानकारी के अनुसार, गांव के रमेश सिंह का बेटा आरव शाम करीब साढ़े छह बजे टीवी देखने के बाद अपने ताऊ के घर से लौट रहा था।

दस दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुआ उसे उठाकर जंगल की तरफ भाग गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन बाहर निकले। शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया।

जब तक परिजन घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर आरव के पास पहुंचते उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नायब तहसीलदार भनोली दिवान सिंह सलाल ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

जो घर कुछ देर पहले बच्चों की चहलकदमी से गुलजार था, वहां अचानक मातम छा गया। किसी को क्या मालूम था कि हंसते-खेलते परिवार की खुशियों पर पलभर में ग्रहण लग जाएगा। आरव घर के आंगन में अपनी छोटी बहन सात साल की अमृता के साथ खेल रहा था।

दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते हुए खुश थे लेकिन बहन को मालूम नहीं था कि कुछ देर बाद ही उनका इकलौता भाई हमेशा के लिए छोड़कर चला जाएगा।

आरव हर रोज की अपने ताऊ के घर टीवी देखने जाता था। बृहस्पतिवार को भी वह टीवी देखकर लौट रहा था। अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना से हंसते-खेलते परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट गया।

माता-पिता की आंखों का इकलौता तारा उन्हें रोता-बिलखता छोड़ गया। मां बेसुध है। पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन बार-बार पूछ रही है कि उसका भाई कहां चला गया।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लंबे समय से तेंदुए की दहशत है। इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग को दी थी। इसके बावजूद वन विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया। तेंदुए को पकड़ने के प्रयास नहीं किए गए।

ग्रामीणों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया। अगर वन विभाग समय रहते ग्रामीणों की गुहार सुन लेता तो शायद आरव की जान बच सकती थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गुस्सा है। उनका कहना है कि वन विभाग शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेता।

पौड़ी विकास खंड पाबौ के निसणी गांव में मासूम को मारने वाला गुलदार पिंजरें में कैद हो गया है। वन विभाग की टीम गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज मुख्यालय पहुंचा दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

बृहस्पतिवार को डॉक्टरों ने गुलदार का मेडिकल परीक्षण किया। इसमें गुलदार स्वस्थ पाया गया। गौरतलब है कि बीते 22 नवंबर की शाम साढ़े पांच बजे निसणी गांव के पास सड़क पर दोस्तों के साथ खेल रहे मासूम पीयूष को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया था।

इसके बाद से ही गांव के लोग डरे हुए थे। वन विभाग ने गांव में दो पिंजरें लगाए। इनमें से एक पिंजरे में गुलदार के कैद होने के बाद भी दहशत का माहौल कम नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास एक नहीं, बल्कि दो-तीन गुलदार नजर आ रहे हैं।

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