मद्महेश्वर धाम पैदल मार्ग वॉश आउट

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश जारी है. जिसके चलते नदी नाले, गाड़ गदेरे उफान पर बह रहे हैं. कई जगहों पर सड़कें बाधित हैं तो कई जगहों पर भूस्खलन से नुकसान भी पहुंचा है. रुद्रप्रयाग जिले में भी लगातार बारिश का सितम जारी है. बारिश के चलते द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम को जोड़ने वाला मार्ग भी बंद हो गया है. करीब 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जिस कारण यात्री भी विभिन्न पड़ावों में फंसे हुए हैं. जिन्हें निकाला जा रहा है. उधर, हरिद्वार में गंगा का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है.

दरअसल, बीती शनिवार रात मद्महेश्वर घाटी में हुई मूसलाधार बारिश के कारण द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर (मदमहेश्वर/मद्महेश्वर) यात्रा के आधार शिविर गौंडार बणतोली के बीच करीब 50 मीटर पैदल मार्ग भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है. पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई. जिससे मद्महेश्वर धाम समेत यात्रा पड़ावों पर गए यात्री फंस गए.

वहीं, अब एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम ने मौके पर जाकर लैंडस्लाइड स्थान पर रास्ता बनाया. जिसके बाद अभी तक करीब 40 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया है. अभी भी रेस्क्यू कार्य लगातार जारी है. एसडीआरएफ और डीडीआरएफ के जवान अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को निकाल रहे हैं.

वहीं, बदरीनाथ क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है. अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.10 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 626.00 मीटर से थोड़ा ऊपर है. जबकि, मंदाकिनी नदी के खतरे का स्तर 626.00 मीटर है और वर्तमान में मंदाकिनी का जलस्तर 624.70 मीटर है.

“रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश जारी है. बदरीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र में हो बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं. इसके अलावा बारिश के चलते द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर अवरुद्ध हो गया है. रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है. संबंधित विभागों को अपने क्षेत्रों में जनमानस और मवेशियों को नदी किनारे जाने से रोकने एवं सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.” – अक्षय प्रह्लाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग

 

 

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