नाना ने दो वर्षीय नाती की काटी गर्दन

पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आज सनसनी मच गई। यहां धारचूला तहसील मुख्यालय से 24 किमी की दूरी पर स्थित गर्गुवा गांव में नेपाल निवासी रिश्ते के नाना ने अपने दो वर्षीय नाती के गले में धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी।

नाती की हत्या के बाद दुर्दांत बन चुका नेपाली मृतक की मां पर भी धारदार हथियार से हमला करने लगा। मां ने घर के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने रात में गांव के समीप ही जंगल से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

घटना सोमवार दोपहर के आसपास की है। गर्गुवा गांव के सोप तोक निवासी वंश कुंवर (2 वर्ष) पुत्र रमेश सिंह कुंवर को उसकी मां कविता कुंवर ने नहलाया। बच्चे को नहलाने के बाद वह घर के आंगन में धूप में बच्चे की तेल मालिश कर रही थी।

तभी वंश का रिश्ते में नाना लगने वाला गगन सिंह (30 वर्ष) निवासी कोट छापरी, जिला दार्चुला नेपाल धारदार हथियार के साथ उसके पास पहुंचा और धारदार हथियार बड़ियाठ (बड़ी दराती) से दो वर्षीय मासूम वंश के गले में वार कर उसे काट डाला।

बेटे पर अचानक हुए हमले को देख मां कविता कुछ समझ पाती, इससे पूर्व ही सनकी नेपाली ने उस पर भी हमला करने के लिए धारदार हथियार चलाया, मगर वह किसी तरह बचकर घर के अंदर कमरे में घुस गई और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।

उसके बचाने की पुकार सुनकर वंश के दादा कुशल सिंह कुंवर (60 वर्ष) घर से बाहर निकले तो नेपाली ने उन पर भी धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। कुशल सिंह ने बचाव किया। इस दौरान हमले से उसके दोनों हाथ लहूलुहान हो गए। बाएंं हथेली की दो अंगुलियां कट गईं। इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों में भी गंभीर चोट आ गई ।

गगन के तांडव को देख कर मृतक वंश की दादी, ताई और वंश की मां ने कमरे के अंदर बंद होकर अपनी जान बचाई। कातिल नेपाली गगन सिंह इस घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया। घटना के समय मृतक का पिता रमेश सिंह अपने मवेशियों के साथ जंगल गया था।

घटना की सूचना ग्रामीणों ने कोतवाली धारचूला को दी। सूचना मिलते ही कोतवाल कुंवर सिंह रावत, पुलिस दल और राजस्व दल के साथ घटनास्थल पहुंचे। कोतवाल ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर स्थल पर मासूम वंश का शव पड़ा था। मौके पर ही शव का पंचनामा भरा गया।

घायल कुशल सिंह को सीएचसी धारचूला लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सक डा. संदीप सिंह ने बताया कि घायल को गंभीर चोट हैं। हालत देखते हुए जिला चिकित्सालय को रेफर कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि हत्यारा गगन सिंह एक दिन पूर्व ही गर्गुवा आया था। इस बीच नेपाल सीमा सील होने के बाद नेपाली कैसे भारत पहुंंचा, इसे लेकर भी चर्चा व्याप्त है। पुलिस ने शीघ्र ही हत्यारोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

नेपाल निवासी हत्यारोपी गगन सिंह 30 वर्ष, वंश के दादा कुशल सिंह कुंवर के बड़े भाई स्व. भीम सिंह का साला है। भीम सिंह की पत्नी कैंची देवी उसकी बड़ी बहन है। भीम सिंह और कुशल सिंह का परिवार अभी संयुक्त परिवार है। वह एक दिन पूर्व ही नेपाल से अपनी बहन के घर गर्गुवा गांव के सोप तोक में आया था। मृतक वंश रिश्ते में उसका नाती लगता है, घायल कुशल सिंह रिश्ते का जीजा है।

कोतवाल ने बताया कि घटनास्थल पर मासूम वंश का शव पड़ा था। परिवार के सदस्य डरे-सहमे थे। फरार नेपाली गगन सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे उसे गांव के समीप जंगल से पकड़ लिया गया।

वारदात के पीछे वजह जानने के लिए आरोपित से पूछताछ की जा रही है। एसपी पिथौरागढ़ लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने उसकी बड़ी बहन कैंची देवी के साथ कविता का झगड़ा होने की बात कही है। इसी को लेकर उसे सनक सवार हुई और वह बदला लेने आ गया।

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