कोरोना महामारी के वक्त मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी अति महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री

देहरादून:     मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने पूर्णागिरी धाम में जियो द्वारा संचालित की जा रही 4जी सेवाओं का वर्चुअल शुभारम्भ किया। उन्होंने पूर्णागिरी धाम में 4जी सेवाओं का शुभारम्भ के लिए श्री मुकेश भाई अम्बानी और जियो परिवार का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कोरोना महामारी के वक्त मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी अति महत्वपूर्ण है।

छात्रों की पढ़ाई, मध्यम व लघु उद्योग, उत्तराखण्ड में आने वाले पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों के लिए डेटा कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया की परिकल्पना साकार हो रही है। पंचायतों को ऑप्टिकल फाईबर के माध्यम से नेटवर्किंग से जोड़ा गया है। उत्तराखण्ड सरकार भी भारत सरकार के साथ डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार और जियो कम्पनी ने मिलकर उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों तक 4जी मोबाइल कन्क्टिविटी पहुचाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है, यहाँ अनेक धार्मिक स्थल हैं। जियो अधिकतर स्थानों में अपनी 4जी सेवाएं दे रहा है।  महत्वपूर्ण मंदिरों और तीर्थक्षेत्रों को अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ चुका है। जियो ने उत्तराखण्ड बॉर्डर एरिया में भी 14 साईटस् प्रारंभ कर दी है जिससे उत्तराखण्ड के बार्डर एरिया में रहने वाले लोग भी अब 4जी डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। इसी कड़ी के अंतर्गत अब जियो, मॉ पूर्णागिरी धाम को भी अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है। माँ पूर्णागिरी धाम 108 सिद्धपीठों में से एक है और बङी संख्या में श्रद्धालु यहाँ हर वर्ष दर्शनार्थ आते है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जियो के उत्तराखण्ड स्टेट हेड श्री विशाल अग्रवाल, पूर्णागिरी मंदिर के चैयरमेन श्री भुवन चन्द्र पाण्डे, श्री गिरीश चन्द्र पाण्डे आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उदय दिनमान’ एक वैचारिक आंदोलन भी है। इस आंदोलन का सरोकार आर्थिकी, राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास व विकास से है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो यह क्षेत्र सदियों से न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र रहा है, बल्कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता-संस्कृति का उद्गम स्थल भी समझा जाता रहा है। आधुनिक समय में विकास की अवधारणा के जन्म लेने के साथ हिमालयी समाज-संस्कृति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये चुनौतियां हमारी संस्कृति पर निरंतर प्रहार कर इसे गहरा आघात पहुॅचाने में तुली हुई है। हालांकि, सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक आदि कष्टों के बावजूद यह संस्कृति अपने ताने-बाने से छिन्न-भिन्न नहीं हो सकी है। मगर निरंतर जारी प्रहारों से एकबारगी चितिंत होना स्वाभाविक है। ‘उदय दिनमान’ का प्रयास है कि राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास, विकास व आर्थिकी पर निरंतर हो रहे आघातों से जनमानस को सजग रखने का प्रयास किया जाए। यह कहकर हम कोई बड़ा दंभ नहीं भर रहे हैं। यह हमारा मात्र एक लघु प्रयास भर है। हमारी अपेक्षा व आकांक्षा है कि हमारे इस प्रयास में आपकी भागीदारी ही नहीं सुनिश्चित हो, बल्कि आपके विस्तृत अनुभवों, विचारों, सुझावों व गतिविधियों का लाभ ‘उदय दिनमान’ के द्वारा व्यापक जनमानस तक पहुंचे। उक्त क्रम में ‘उदय दिनमान’ के प्रयासों को बल प्रदान करने के निमित आप अपने अनुभवों, सुझावों व विचारों को लेख अथवा यात्रावृत्त, संस्मरण, रिर्पोट, कथा-कहानी, कविता, रेखाचित्र, फोटो आदि के रूप में प्रेषित करने का कष्ट करें। संपर्क करें। https://www.udaydinmaan.com/ संतोष बेंजवाल संपादक कन्हैया विहार, निकट कारगी चैक, देहरादून (उत्तराखंड) udaydinmaan@gmail.com Phone:0135-3576257 Mob:+91.9897094986 Email: udaydinmaan@gmail.com