बदरीनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध

चमोली।  बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खोल दिए जाएंगे। जिला प्रशासन के साथ ही बीकेटीसी की ओर से भी यात्रा तैयारियां की जा रही हैं। शनिवार को बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने अधिकारियों के साथ धाम में यात्रा तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि भगवान बदरीनाथ के दर्शनों के लिए आने वाले हर श्रद्धालु को उचित सुविधाएं दी जाएंगी। बदरीनाथ की धार्मिक गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिर में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं कोे फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

बदरीनाथ मंदिर के साथ ही समिति के विश्राम गृहों के रंग-रोगन का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने बदरीनाथ मंदिर परिसर, तप्तकुंड, मंदिर आने व जाने का रास्ता, काउंटर आदि का निरीक्षण किया। बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने बताया कि धाम में पहली बार तीर्थयात्रियों के लिए मंदिर परिसर के बाहर शूज काउंटर और क्लॉक रूम (सामान रखने की जगह) की व्यवस्था की गई है।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने निरीक्षण के दौरान मास्टर प्लान के कार्यों में जुटी पीआईयू व निर्माणदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। उन्होंने पीआईयू के अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उपाध्यक्ष ने ब्रह्मकपाल से तप्त कुंड तक अलकनंदा किनारे जमा किए गए मलबे व पत्थरों को अन्यत्र रखने के लिए कहा। कहा कि यदि समय रहते इसे हटाया नहीं गया तो नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह तप्तकुंड और ब्रह्मकपाल तीर्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने डीएम से भी फोन पर बात की और समस्याओं से अवगत कराया।

चारधाम यात्रा में तीर्थ यात्रियों की संख्या सीमित करने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कह दिया है कि धामों में यात्रियों की संख्या सीमित नहीं रखी गई है। चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित के साथ ही रोजगार व आर्थिकी को देखते हुए यह सराहनीय पहल है।

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