पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है मुंडियापानी

कोटद्वार: कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) फारेस्ट वन प्रभाग और सोनानदी अभयारण्य के दो गेट मंगलवार को पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। केटीआर की पाखरो रेंज का गेट वर्षभर पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

अदनाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन जोशी ने बताया कि हल्दूपड़ाव, मुंडियापानी व रथुवाढाब वन विश्राम गृह की आनलाइन बुकिंग भी पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। बताया कि पहले दिन केटीआर के वतनवासा गेट से दो सफारी पर्यटकों को डे-विजिट के लिए हल्दूपड़ाव ट्रैक पर लेकर गई।

1318.54 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले जिम कार्बेट नेशनल पार्क का 521 वर्ग किमी हिस्सा कोर जोन में है, जबकि 797.72 वर्ग किमी हिस्सा बफर जोन में। पर्यटकों को आकर्षित करने वाले पार्क के कोर जोन का 312.86 वर्ग किमी हिस्सा पौड़ी जिले में पड़ता है, जबकि 208.14 वर्ग किमी नैनीताल जिले में।

बफर जोन के 301.18 वर्ग किमी हिस्से में सोनानदी वन्य जीव विहार है, जबकि 496.54 वर्ग किमी हिस्सा आरक्षित वन से घिरा हुआ है। टाइगर रिजर्व का दो-तिहाई क्षेत्र पौड़ी जिले में होने के बावजूद इस क्षेत्र में रामनगर के मुकाबले पर्यटकों की आवाजाही काफी कम है।

कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट वन प्रभाग में पर्यटकों के लिए न सिर्फ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, बल्कि पूरा क्षेत्र वन्य जीव बहुल है। बावजूद इसके क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही लगातार घट रही है। बीते तीन वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020-21 में यहां 14174 पर्यटक पहुंचे। वर्ष 2021-22 में यह संख्या घटकर 12121 रह गई। वर्तमान में अब तक 9969 पर्यटक ही यहां पहुंचे हैं।

कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट वन प्रभाग की अदनाला रेंज का मुंडियापानी क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। ब्रिटिश शासनकाल में भी पक्षी प्रेमी बड़ी संख्या में मुंडियापानी विश्राम गृह पहुंचते थे।

एक अंग्रेज अधिकारी ने मुंडियापानी वन विश्राम गृह की विजिटर बुक में लिखा है कि यह क्षेत्र पक्षियों के लिए उपयुक्त वासस्थल है। विश्राम गृह के समीप ही एक पेड़ पर जनवरी-फरवरी में पक्षियों की कई प्रजाति नजर आती हैं।

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